कछौना, हरदोई : अतिवृष्टि खेत खलिहानों में किसानों के लिए आफत बन कर आई। जिसमें किसानों की धान की फसल, मक्का की फसल तैयार खड़ी बर्बाद हो गई। कुछ किसानों ने सरसों, आलू की बुवाई कर दी थी। लगातार बारिश से किसानों की कमर टूट गई है। दीपावली का त्यौहार फीका पड़ गया है। बरसात के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है।
किसानों को ध्यान में रखते हुए सांसद अशोक रावत ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखते लिखकर नुकसान को सर्वे कराकर किसानों की हुई क्षति का मुआवजा दिलाया जाएगा। जिससे किसानों को इस संकट की घड़ी में आर्थिक सहायता मिल सके। उनका जीवन पटरी पर आ सके। वही किसानों की फसलों को बीमा कवर प्रदान करने हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना शुरू की है। ज्यादातर किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड में अनिवार्य रूप से बीमा बैंक द्वारा किया जाता है। परंतु जागरूकता के अभाव में समय पर कागज न जमा करने के कारण फसल का नुकसान का मुआवजा नहीं मिल पाता है। वही बीमा कंपनी को करोड़ों रुपए का बीमा प्रीमियम का फायदा हो जाता हैं। फसल नुकसान, ओलावृष्टि, जलभराव ,भूस्खलन, बादल फटना, आकाशी बिजली से उत्पन्न आग का कारण, चक्रवात, बेमौसम बारिश से क्षति होने पर किसान 72 घंटे के अंदर टोल फ्री नंबर 18008896868 व संबंधित बैंक में सूचना देनी होती है।परंतु ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता के अभाव में किसान सूचना नहीं दे पाते हैं। किसानों ने बताया टोल फ्री नंबर पर कॉल नहीं लगती है। किसानों को दो वर्ष पूर्व ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। सरकार द्वारा राजस्व, कृषि विभाग द्वारा आकलन कर रिपोर्ट बनाई गई। किसानों की सूची शासन को भेज दी गई। जिसका आज भी 50% किसानों को दो वर्ष पूर्व हुई ओलावृष्टि का मुआवजा नहीं मिला है। योजनाओं की जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन न होने के कारण किसान हमेशा ठगा महसूस करता है। वही सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का ढ़िढोरा पीट रही है।
रिपोर्ट – पी०डी० गुप्ता