गौसगंज (हरदोई): आवारा पशुओं की समस्या किसानों के लाइलाज होती जा रही है, किसानों के लिए छुट्टा पशु सबसे बड़ी मुसीबत बन चुके हैं। अनुपयोगी हो चुके पशुओं को खुला छोड़ने की परंपरा बन चुकी है। आवारा पशुओं ने किसानों का जीना हराम कर दिया है। फसल के साथ उनके जीवन पर भी संंकट आ पड़ा है।
आवारा पशु पूरी फसल चर जाते हैं जिसके लिए किसान इस सर्द मौसम में रात भर खुले आसमान के नीचे रतजगा कर अपने खेतों की फसल को बचाने के लिए विवश है। सरकार ने आवारा पशुओं के निजात के लिए कांजी हाउस व गांव आश्रय स्थल खुलवाने का हवा-हवाई आदेश कर दिया है। अधिकांश किसान परेशान होकर रोजी-रोटी के लिए पलायन कर गए हैं। समय के साथ लोगों की धार्मिक आस्था भी धूमिल हो गई है, वहीं सरकार ने धार्मिक भावना के तहत गोवंश की हत्या पर भी रोक लगा दी है। प्रत्येक गांव में सैकड़ों आवारा पशुओं से किसान फसल बचाने के लिए खेतों में कटीले तार लगा रखे हैं जिनकी चपेट में आने से पशु तड़प-तड़प कर मर जाते हैं वही आक्रोशित किसान आवारा पशुओं पर लाठी डंडों वालों से मारकर उन्हें घायल कर देते हैं जिसके चलते प्रत्येक गांव में कोई न कोई पशु मृत अवस्था में पड़ा मिलता है । जिसे ना उठाए जाने के कारण गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की प्रबल संभावना बनी रहती है ।
ग्राम पंचायत स्तर पर मृत पशुओं के शव को उठाने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत व जिला पंचायत की है । लेकिन वह बहुतायत की संख्या के कारण अनदेखी करते हैं वही ग्राम सभाओं में स्थित पशु व चरागाह पर अवैध कब्जा है। किसान आजिज होकर संयुक्त रूप से विरोध प्रदर्शन कर सार्वजनिक भवनों में आवारा पशुओं को बंद करने लगे हैं। इसी के चलते विकासखंड कछौना की ग्राम सभा बघौड़ा के किसान विजय पाल सिंह, इकबाल, सुनील सिंह, राजेश पाल, सूरज पाल, जगन्नाथ सहित कई किसान एकजुट होकर गुरुवार की रात ग्रामसभा में स्थित सचिवालय में लगभग 5 दर्जन आवारा पशुओं को कैद कर दिया, गेट में ताला लगा दिया। ग्रामीणों ने मांग की कि गांव में स्थित गाटा संख्या 427 को खाली कराया जाए जिस पर गौसगंज निवासी भूमाफिया धीरेंद्र कुमार ने जालसाजी कर कब्जा कर रखा है। उस पर गौ-स्थल खुलवाया जाए। जिन पशुपालकों ने अपने पशुओं को छोड़ रखा है उन्हें वह बांध ले। ग्रामीण की मांग पर प्रशासन हरकत में आ गया। जिला प्रशासन के निर्देश पर शुक्रवार को नायब तहसीलदार भीम चंद्र अपनी टीम लेखपाल सुशील गुप्ता, मोहम्मद सलमान, अनिल कुमार व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कछौना रायसिंह व उप निरीक्षक राकेश सिंह के साथ मौके पर पहुंचकर किसानों को काफी समझाया। नायब तहसीलदार ने बताया कि आपकी समस्या उच्चाधिकारियों को अवगत कराई जाएगी। गांव में आश्रय स्थल के लिए शीघ्र ही हल निकाला जाएगा।
प्रभारी निरीक्षक राशि ने कड़े शब्दों में किसानों से कहा कि आप अपनी समस्या को संवैधानिक तरीके से अवगत कराएं परंतु सार्वजनिक भवनों में आवारा पशुओं को बन्द करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद ग्रामीणों ने गेट का ताला खोलकर आवारा पशुओं को छोड़ दिया।