सरकार से आये कर्ज माफी के धन को बैंको ने ब्याज में किया समायोजित, मूल कर्ज किसानों पर अभी शेष

  • योगी सरकार ने किसानों की कर्ज माफी में किया बड़ा खेल किसानों को मिला मूल कर्ज में ठेंगा ।
  • जांच प्रक्रियाओ से गुजरते गुजरते मूल कर्ज से ज्यादा ब्याज हो गया ।
  • किसान अभी भी कर्ज में डूबा ये कैसी भाजपा ने की कर्ज माफी ।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बर्बाद हुए किसानों का चुनावी घोषणा पत्र वादा किया था कि किसानों का कर्ज माफ करेंगे । वही भाजपा सरकार ने तमाम प्रक्रियाओ से किसानों की जांच कराकर 1 लाख कर्ज माफ किया । लेकिन यही किसानों के साथ धोखा हुआ । किसानों का चुनाव जांच आदि प्रक्रियाओ से गुजरते गुजरते किसानों का मूल से ज्यादा ब्याज हो गया और सरकार ने दिया भेजा मूल कर्ज । लेकिन वह ब्याज में ही समा गया और मूल कर्ज का ब्याज माफ हो गया । किसानों को भाजपा सरकार में कर्ज माफी के नाम पर मिला धोखा । कर्ज माफी के नाम पर बैंको की हुई बल्ले बल्ले । वैसे अगर किसान कर्ज माफी का लाभ न लेता और समझौते में अपने कर्ज खाते को बंद करता तो वैसे ही किसान को लाभ हो जाता । कर्ज माफी के घोषणा पत्र के मुताबिक किसानों को मात्र भाजपा सरकार में ठेंगा दिखाया गया है । किसान अभी भी कर्ज में डूबा है । भाजपा सरकार में किसानों को नहीं बैंको को लाभ पहुंचाया गया ।

ये कैसी किसानों की कर्ज माफी ।