वित्त मन्त्री अरुण जेटली ने कहा कि भारत मजबूती से आगे बढ़ते हुए 8 प्रतिशत विकास दर हासिल करेगा और विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। मालूम हो कि मोदी सरकार के पहले तीन वर्षों में विकास दर औसतन 7.5 प्रतिशत रही है। चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर से मार्च की अवधि में विकास दर 7.20 से 7.50 प्रतिशत रहने का अनुमान है। राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद का 3.20 प्रतिशत के पहले के लक्ष्य की तुलना में 3.30 प्रतिशत रखने का लक्ष्य है। वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटा 3.50 प्रतिशत था।
राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राज्यपालों के वेतन में 12 वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद संशोधन किया गया है। प्रति महीने पांच लाख रुपये राष्ट्रपति का वेतन, साढ़े चार लाख रुपये उपराष्ट्रपति का और राज्यपालों का वेतन साढ़े तीन लाख रुपये होगा।