कछौना (हरदोई) : कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत नगर में सट्टे का कारोबार बड़े पैमाने पर चल रहा है। इस कारोबार में पड़कर महिलाएं, युवा, पुरुष व बच्चे बर्बाद हो रहे हैं।
आर्थिक नुकसान के चलते रविवार की सुबह नगर के कछौना बाजार पूर्वी 18 वर्षीय किशोर ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। सट्टा माफिया दिन प्रतिदिन मजबूत होते जा रहे हैं। वहीं इस कारोबार में फंसने वाले लोगों का जीवन बर्बाद होता जा रहा है। सट्टे का धंधा धीरे-धीरे समाज में नासूर बना जा रहा है। युवा 100 रुपये से लेकर लाखों रुपए तक का दांव आजमाते हैं। एक दिन में मालामाल होने के चक्कर में अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा सट्टे के दांव में लगा रहे हैं। यह लोग फोन पर बुकी के माध्यम से दांव लगाते हैं। इस खेल के चक्कर में पड़कर कई लोग अर्स से फर्स पर आ गए हैं। इसकी गिरफ्त में आने के बाद दांव लगाने वाला व्यक्ति किसी भी स्तर पर जाने को तैयार हो जाता है। सबसे पहले वह सूदखोरों के चक्कर में फस जाते हैं। सूदखोर उनको 5 से 10% मासिक ब्याज पर सटोरियों को धनराशि आसानी से उपलब्ध करा देते हैं। जब सूदखोर इन से अपना पैसा मांगते हैं। तब यह लोग बाहर भाग जाने का रास्ता अथवा परेशान होकर आत्महत्या करने का रास्ता इख्तियार करते हैं। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि सटोरियों को चिह्नित कर लिया गया है। युवा पीढ़ी को बचाने के लिए इन सटोरियों पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी।
रिपोर्ट- पी०डी० गुप्ता