इनकम टैक्स और आईटी रिटर्न के नियम अब बदल गए हैं। टैक्स के नियमों में बदलाव की घोषणा तो वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट एलान के दौरान ही कर दी थी, जो अब लागू हो गई है। रिटर्न भरने के नियमों में बदलाव अब जारी हुए हैं, सरकार ने नया फॉर्म निकाला है, जो पहले के मुकाबले सरल मगर टेक्निकल है।
इनकम टैक्स के बदले हुए 5 नियम –
1 स्टैण्डर्ड डिडक्शन अब सभी को 40 हजार रुपये स्टैण्डर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा। इसके लागू होने के बाद मेडिकल री-इम्बर्समेंट (15000 रुपये) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (19200 रुपए) का कोई रोल नहीं रह जाएगा। इसे खत्म कर दिया गया है। स्टैण्डर्ड डिडक्शन से सबसे ज्यादा फायदा कम टैक्स देने वालों को मिलेगा।
2. बुजुर्गों को मिलेगी ज्यादा छूट बुजुर्गों को बैंक और पोस्ट ऑफिस में जमा रकम से मिले 50 हजार रुपये तक के ब्याज को सरकार ने टैक्स फ्री कर दिया है। सेक्शन 80TTA के तहत किसी व्यक्ति को ब्याज से हुए 10,000 रुपये तक के लाभ पर टैक्स छूट पहले की तरह मिलती रही है। यह लाभ सभी फिक्स्ड डिपॉजिट और आवर्ती जमा योजनाओं से ब्याज आय पर भी उपलब्ध होगा। हालांकि इसे आपको क्लेम करना होगा।
3. इलाज खर्च पर टैक्स छूट की सीमा बढ़ी आईटी एक्ट के सेक्शन 80DDB के तहत गंभीर बीमारियों में हुए इलाज खर्च पर 1,00,000 रुपए तक की टैक्स छूट मिलेगा। अभी 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 80,000 रुपये और 60 से अधिक उम्र के लोगों को 60,000 रुपए की छूट मिलती थी। इसे बढ़ाकर अब एक लाख कर दिया गया है।
4. LTCG टैक्स लागू शेयर बाजार या इक्विटी लिंक्ड म्यूच्यूअल फंड में निवेश पर एक साल में अगर 1 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई होती है तो इस पर 10 फीसदी LTCG (लॉग टर्म कैपिटल गेन टैक्स) लगेगा। हालांकि 31 जनवरी 2018 तक हुए मुनाफे पर टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा जो शेयर लिस्टेड नहीं हैं उन शेयर पर किसी तरह का LTCG टैक्स नहीं लगेगा।
5. हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट अब साल भर से ज्यादा के लिए ली गई हेल्थ पॉलिसी के प्रीमियम पर उतने साल की छूट मिलेगी जितने साल के लिए पॉलिसी ली गई है। मान लें आपने दो साल के इंश्योरेंस कवर के लिए 40,000 रुपये दिए तो आप दोनों साल 20-20 हजार रुपये का टैक्स डिडक्शन के लिए क्लेम कर सकते हैं।
रिटर्न भरने के नए नियम
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) ने एसेसमेंट ईयर 2018-19 के लिए एक पेज का आयकर रिटर्न फॉर्म 1 (आईटीआर) सहज गुरुवार को जारी किया। इसका इस्तेमाल 50 लाख रुपए तक की वार्षिक आमदनी वाले आयकरदाता कर सकेंगे। विभाग ने साफ किया है कि कुछ कैटेगरी को छोड़ कर सभी को रिटर्न ऑनलाइन ही भरना होगा।
1. नए फॉर्म में कुछ नई डिटेल भी मांगी गई है। अब टैक्सपेयर्स को अपना सैलरी स्ट्रक्चर और प्रॉपर्टी से अगर कुछ इनकम हुई है तो वह भी बताना होगा।
2. छोटे कारोबारियों को अपना जीएस टिन नंबर और वो टर्नओवर बताना होगा जो उन्होंने जीएसटी के तहत बताया है।
3. एनआरआई को थोड़ी राहत दी गई है। अब वह क्रेडिट या रिफंड के लिए विदेश में अपने बैंक एकाउंट की डिटेल भी दे सकते हैं।
4. हालांकि अब एनआरआई आईटीआर 1 फॉर्म नहीं भर सकेंगे। यह केवल स्थानीय नागरिकों के लिए हैं। उन्हें अब आईटीआर – 2 फॉर्म भरना होगा।
5. किसी फर्म में पार्टनर्स को अब आईटीआर 2 की जगह आईटीआर 3 फाइल करनी होगी।