सुविधा शुल्क न मिलने पर प्रसूता को दिया धक्का, मरा पैदा हुआ बच्चा

पहले बेड से धक्का देकर गिराया फिर किया अस्पताल से बाहर, 3 घंटे अस्पताल के बाहर तक तड़पती रही महिला

हरदोई- जिले की बिलग्राम सीएचसी में प्रसूता के परिजनों द्वारा सुविधा शुल्क देने से मना करने पर अस्पताल स्टाफ द्वारा प्रसूता से अभद्रता की गई,उसे बेड से धक्का देकर गिराया गया फिर अस्पताल से बाहर कर दिया गया। प्रसूता अस्पताल के बाहर घण्टों तड़पती रही कोई एम्बुलेंस न मिलने पर परिजन उसे निजी साधन द्वारा जिला महिला अस्पताल पहुंचे जहां उसने मरे बच्चे को जन्म दिया। पीड़िता के पति ने एसपी को शिकायती पत्र देकर अस्पताल स्टाफ पर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है।
बिलग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार शाम  कविता पत्नी गुड्डू निवासी सदरियापुर प्रसव कराने के लिए आई थी। पीड़ित के पति गुड्डू का आरोप है कि पहले उसे जटिल प्रसव बता कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और बाद में प्रसव कराने के लिए डॉक्टर और स्टाफ नर्स ने 15000 मांगे। लेकिन जब उनको सुविधा शुल्क नहीं मिला तो उन्होंने प्रसूता को बेड से धक्का देकर गिरा दिया जिससे वह पेट के बल गिरी और फिर अस्पताल से बाहर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उनके साथ मारपीट भी की गई। प्रसूता करीब 3 घंटे तक अस्पताल से बाहर पड़ी तड़पती रही।
आरोप है कि पति द्वारा अधीक्षक से बार बार कहने पर भी एंबुलेंस नहीं दी गई और एम्बुलेंस सेवा को फोन करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं आयी।अंत में अपने जान-पहचान वालों को प्रसूता के पति ने फोन किया तब मौके पर पहुंचे लोगों ने वाहन का इंतजाम करके महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां देर रात उसने मरे हुए बच्चे को जन्म दिया।
सीएससी कर्मियों की करतूत को लेकर पति गुड्डू ने डीएम और एसपी को प्रार्थना पत्र दिया है जिसमें अधीक्षक वीरेंद्र चौधरी,स्टाफ नर्स साक्षी पर रिश्वत मांगने,धक्का देने,एंबुलेंस न उपलब्ध कराने के कारण बच्चे की मौत हो जाने का आरोप लगाया है। परिजनो ने मुकदमा दर्ज करने की मांग की है ।
जब प्रसूता के बच्चे की मौत की सूचना बिलग्राम सीएचसी पहुंची तो अपने बचाव के लिए अस्पताल अधीक्षक वीरेंद्र चौधरी प्रसूता के परिजनों पर मारपीट और हंगामा करने की रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे। हालांकि मामले पर पुलिस का कहना है की सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। जिसकी भी गलती होगी उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता को एक बेड भी अस्पताल में नहीं नसीब हुआ उसको एक अन्य महिला मरीज के साथ लिटा दिया गया जबकि महिला की मानसिक व शारीरिक हालत बहुत नाजुक है। अस्पताल में बेड कम होने के चलते इन दिनों एक बेड पर दो मरीजों को रक्खा जा रहा है। सीएमएस डॉ रविन्द्र सिंह का कहना है कि डिलीवरी इन दिनों ज्यादा हो रही है बेड कम है इसलिए दो मरीजों को एडजेस्ट करना पड़ रहा है। जिम्मेदार बोले कि मुझे घटना की जानकारी नहीं है जांच करवाऊंगा यदि अस्पताल कोई भी स्टाफ दोषी है तो कार्यवाही की जाएगी।