उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को लेकर चाहे कितने भी बड़े दावे क्यों ना कर ले लेकिन क्या सरकार क्या सरकारी अफसर किसानों के हक से खिलवाड़ लगातार करते चले आ रहे हैं सरकारी क्रय केंद्रों पर शासन और प्रशासन सख्त आदेश के बाद भी भ्रष्टाचार पूरी तरह से हावी है क्रय केंद्रों पर किसानों की फसल खरीद के लिए ठेकेदार और उनके दलाल प्रति क्विंटल पर 55 की 70 रूपए अवैध वसूली किसानों से कर रहे हैं लेकिन प्रशासन को इसकी कोई खबर नहीं है ।
ताजा मामला हरदोई कहां है जहां पर शाहाबाद तहसील मैं गल्ला मंडी के अंदर सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों के साथ जमकर अवैध वसूली की जा रही है कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से केंद्रों पर मौजूद दलाल धड़ल्ले से किसानों की गेहूं खरीद पर प्रति क्विंटल के हिसाब से 50 से 70रुपये लिये जा रहे हैं।यह मामला तब सामने आया जब शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव पतासी निवासी अनिल अपना गेहूं बेचने क्रय केंद्र पर आए थे लेकिन उनसे प्रति क्विंटल के हिसाब से ₹50 की मांग की गई। इसकी सूचना अधिकारियों तकदी जिसके बाद पीड़ित किसान की सूचना पर एसडीएम शाहाबाद दिग्विजय प्रताप मंडी पहुंच गए और खानापूर्ति के नाम पर निरीक्षण कर पत्रकारों को यह जानकारी दे दी के ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है और जो भी पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है उसके आधार पर जांच करने के बाद कार्यवाही की जाएगी मतलब साफ है SDM साहब पूरी तरह से मंडी के अंदर फैले भ्रष्टाचार और दलालों पर कोई भी एक्शन नहीं लेना चाहते क्योंकि किसान का सीधा आरोप था कि उससे प्रति क्विंटल के हिसाब से रू50से 70रूपये तक मांगे गए और रुपए ना देने पर खरीदने ना करने की बात भी ठेकेदार विमल पाडेय व नीरज पाडेय द्वारा की गई है।
किसानों के हित की बात करने वाली सरकार और सरकार के सरकारी अफसर क्या इसी तरह से किसानों का हित करेंगे क्या इसी तरह से किसानों को हर कदम पर परेशानी का सामना करना पड़ेगा एक और तो किसानों की फसल आग लगने की वजह से तबाह हो गई है तो दूसरी ओर बची-खुची फसल पर सरकारी केंद्रों पर हेराफेरी भी चल रही है जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद भी कुछ जिम्मेदार अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ कर आंखें बंद कर बैठ गए हैं अब ऐसे में भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ क्या कार्यवाही होगी यह देखने वाली बात ।