★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
अपर्णा यादव का भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेना अकारण नहीं है, बल्कि इसके पीछे उसकी सोची-समझी चाल है। यह तो सभी जानते हैं कि मुलायम सिंह यादव की दो पत्नियाँ हैं :– पहली पत्नी का नाम मालती देवी और दूसरी का साधना यादव (गुप्ता) है। मालती देवी और मुलायम सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव हैं, जबकि साधना गुप्ता और उनके पहले पति के पुत्र प्रतीक यादव हैं। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव है। पारिवारिक इतिहास इस बात का साक्षी है कि साधना गुप्ता ने अखिलेश यादव को कभी पसन्द नहीं किया। साधना को लेकर पारिवारिक कलह होता रहा। यही कारण है कि अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के मध्य खाई अब भी बनी हुई है।
अपर्णा आवश्यकता से अधिक महत्त्वाकांक्षी रही है। वह वर्ष २०१७ के विधानसभा-चुनाव मे समाजवादी पार्टी की ओर से लखनऊ कैण्ट सीट से भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार रीता बहुगुणा के विरुद्ध चुनाव लड़ी थी, जिसमे उसकी पराजय हुई थी। उल्लेखनीय है कि अपर्णा ने उस विधानसभा-चुनाव के समय घोषित किया था कि उसकी कुल अचल-चल सम्पत्ति २२ करोड़ ९६ लाख रुपये है। उसने १ करोड़ २६ लाख रुपये नक़्द धनराशि होने की घोषणा की थी। अपर्णा के पास ३० करोड़ ५० लाख का कृषि-योग्य भूभाग है और कृषिरहित भूभाग का मूल्य २७ लाख रुपये है। उसके नाम ३ करोड़ २० लाख के रिहायशी भवन है और २ करोड़ ५० लाख रुपये का व्यावसायिक भवन है। अपर्णा के नाम से दो वाहन हैं :– एक कार, जो पच्चीस-पचास लाख रुपये की नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपये की हैं। उस कार का नाम ‘लैम्बोरैगनी’ है, जिसका मूल्य ५ करोड़ रुपये का है। उसका दूसरा वाहन एक बाइक है, जिसका मूल्य १ करोड़ २६ लाख रुपये है।
सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि राम मन्दिर-निर्माण मे ११ लाख रुपये दिये थे। अपर्णा का बहुत बड़े विस्तृत क्षेत्र मे ‘गोशाला’ है। वह एन० जी० ओ० की स्वामिनी भी है। इतना ही नहीं, अपर्णा ने धर्मेन्द्र यादव-सहित न जाने कितनो को करोड़ों रुपये के ऋण दिये हैं। ये सभी विवरण वर्ष २०१७ के हैं।
अब प्रश्न है, अपर्णा यादव के पास भोग-विलास और सुविधा-साधन के लिए इतनी अकूत सम्पदा कहाँ से आ गयी है?
अपर्णा की पारिवारिक पृष्ठभूमि का जब हम अध्ययन करते हैं तब ज्ञात होता है कि अपर्णा की माता अम्बी बिष्ट नगर निगम, लखनऊ मे एक अधिकारी हैं और पिता अरविन्द सिंह बिष्ट एक पत्रकार रहे हैं और मुलायम सिंह के मुख्यमन्त्रित्व-काल मे सूचना आयुक्त थे।
ग़ौर करने-लायक़ है कि यह तो घोषित सम्पदा का विवरण है; अघोषित सम्पत्ति का तो अता-पता नहीं। अपर्णा यादव के पीछे ई० डी०, सी० बी० आइ० तथा आइ० टी० ओ० को क्यों नहीं लगाया जा रहा है, जबकि वह महिला किसी नौकरी मे नहीं है और वह जुम्मा-जुम्मा मात्र ३२ वर्ष की है?
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २० जनवरी, २०२२ ईसवी।)