राजेश पुरोहित :
दोहा, कतर:- कई दिनों की कठिन परिश्रम के बाद एक अनोखे अंदाज में हिंददेश विश्व बन्धुत्व की अध्यक्षा निकिता कुसुम तिवारी के द्वारा इस कार्यक्रम को बड़े प्यार और मोहक ढंग से प्रस्तुत किया गया, उन्होंने बादल को आमंत्रित करते हुए ,सबको सावन के एहसास से भरे शब्दों की फुहार से सराबोर कर दिया।
हिंददेश परिवार एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो संसार को सुंदर और खुशहाल बनाने के लिए दृढसंकल्पित है।हिन्ददेश परिवार की संस्थापिका डॉ अर्चना पाण्डे अर्चि का सपना है पूरे विश्व में सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार से भाई चारे की भावना का विस्तार करना।इस मुहिम में उनके साथ मंच के महासचिव बजरंग केजरीवाल वाल, संयोजिका इंदु उपाध्याय, कवयित्री नीरजा शर्मा और मंच सलाहकार माधुरी भट्ट का योगदान महत्वपूर्ण है। तीन जुलाई को हिन्ददेश क़तर अध्याय द्वारा ” रिमझिम सावन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।
यह कार्यक्रम क़तर इकाई की कार्यकारिणी के द्वारा संस्थापिका डॉ. अर्चना पांडेय अर्चि के अथक प्रयास से संयोजिका इंदु उपाध्याय “संचिता “के सानिध्य में , क़तर इकाई अध्यक्षा निकित कुसुम तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ । क़तर इकाई उपाध्यक्षा प्रियंका सिंह द्वारा कार्यक्रम का संयोजन किया गया ।
“रिमझिम सावन” कार्यक्रम दिनांक ०३ जुलाई के
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गोपेश बाजपेयी (विशिष्ट अतिथि)भोपाल,भारत ,यशपाल सिंह जी ‘यश'(मुख्य अतिथि)गुरूग्राम, गोपेश की अद्भुत प्रतुति ने भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी बाजपेई जी की याद दिला दी ” नदी झरने करे नादानी…!”
कवयित्री सुनीता माहेश्वरी (नासिक)ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से हिन्ददेश परिवार का मान बढ़ा दिया-” ये सावन मुझे रिझाता है!”
प्राची रंधावा जी (कनाडा)ने -” श्रापों को वरदान बनाना है हमको..!”
डॉ.शिप्रा (जर्मनी) ने -“शिव ही सत्य है !”कि ऐसी धूनी रमाई की सभी भक्तिमय हो गए।
अनुपम (बहरीन) ने -” सुना है घर पर सावन है !”
यशपाल (गुरुग्राम,भारत)ने -” बालकनी से आ रही बूंदों की आवाज़ तथा गीता सार से सब सम्मोहित हो गए।
अर्चना पांडा – “आज बादलों की नगरी में मैं तो डोल रही थी !”
निरजा शर्मा (मोहाली,भारत) -“रोम रोम कहता है बरसो बादल !”
तृप्ति मिश्रा (भारत)ने -“झूलना झूले मईया, देवी गीत !”
से आत्म विभोर कर दिया।
कल्पना पारीक (नैरोबी )-” कह दो पिया से जाके !”
अनुपम मिठास (कनाडा)ने -“
स्वेता सिन्हा (अमेरिका) -” आ गए तीज त्योहार !”
कार्यक्रम में हिन्ददेश संरक्षिका इंदु उपाध्याय (भारत)-“बंजारा बादल!”
अध्यक्षा निकिता कुसुम तिवारी जी ने (दोहा कतर) आए सभी कवि वृंद का आभार एवं शुभकामना देने के साथ साथ बड़े ही मोहक तथा अनोखे अंदाज में इस कार्यक्रम को रफ्तार दिया समय का पता ही नही चला इनका जितना सुंदर तन उतना ही सुंदर मन और उतनी ही मीठी आवाज के जादू से -” बरखा तुम आ ही गए !” कविता की दिल छू लेने वाली पंक्तियों से मंत्रमुग्ध कर दिया ।
प्रियंका सिंह जी(दोहा कतर) ” बारिश तुम अच्छी लगती हो..!”
के साथ आए अतिथियों को अपनी मधुर आवाज से आभार व्यक्त किए।
शालिनी और आरती के मंच संचालन ने एक अनूठा समा बांध के कार्यक्रम की शोभा में चार चांद लगा दिया।आज हिंददेश विश्व बंधुत्व परिवार धन्य हो गया । आप सबका हृदय से धन्यवाद करता है।
कार्यक्रम में हिन्ददेश संरक्षिका इंदु उपाध्याय
रिमझिम बारिश के अनूठे कार्यक्रम ने सफलता के नए आयाम स्थापित कर एक देश से दूसरे देश की दूरी को मुट्ठी में समेट दिया।हिन्ददेश अपनत्व का परचम लहराकर विश्वबन्धुत्व की
भावना को प्रसारित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
विशेष आभार हमजा जी का जिनके बगैर हमारा कार्यक्रम अधूरा था। निकिता जी आपका पुनः आभार।