“शुद्ध शब्दोच्चारण और लेखन करने के लिए सतत अभ्यास करना होगा”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

प्रयागराज। ‘पॉवर ग्रिड कारपोरेशन ऑफ इण्डिया, प्रयागराज की ओर से ‘हिन्दीदिवस-समारोह का आज (१५ सितम्बर) समापन किया गया, जिसके मुख्य अतिथि व्याकरणवेत्ता एवं भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय थे। इस अवसर पर प्रयागराज उपकेन्द्र-प्रभारी ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेँटकर अभिनन्दन किया।

मुख्य अतिथि आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने वहाँ के कर्मियोँ को हिन्दीभाषा की उपयोगिता और महत्ता को समझाते हुए बताया– आप सबका प्रयास रहना चाहिए कि उच्चारण और लेखन के स्तर पर शुद्धतापूर्वक स्वयं को प्रस्तुत करेँ। जो शब्द-प्रयोग क्लिष्ट दिख और लग रहे हैँ, उन्हेँ ग्रहण करने के लिए अभ्यास करेँ; क्योँकि अभ्यास करना भी एक प्रकार की साधना है, जिससे लोग कतराते आ रहे हैँ।

इस अवसर पर आचार्य ने पंचमाक्षरोँ की विशुद्ध ध्वनि निर्गत करते हुए, उसका भाषावैज्ञानिक विश्लेषण किया। उन्होँने अनुस्वार (बिन्दी) और अनुनासिक (चन्द्रविन्दु) का कहाँ और क्योँ प्रयोग करते हुए उनमे अन्तर को सुस्पष्ट किया। उन्होँने बताया– हम लोग ‘नहीं’, ‘कहां’, ‘कहीं’ इत्यादिक शब्दोँ मे जिस अनुस्वार का प्रयोग करते हैँ, वह अशुद्ध है; क्योँकि वहाँ अर्द्धनासिका-ध्वनि निकलती है, इसलिए ‘नहीँ’, ‘कहाँ’ ‘कहीँ की वर्तनी ही शुद्ध है।

आचार्य ने ‘मिष्टान्न’, ‘शाइर’, ‘उपर्युक्त’, ‘कली खिली है’, ‘ज्योत्स्ना’, ‘व्यावहारिक’,को शुद्ध बताते हुए ‘आरोपी-आरोपित’, ‘प्रावधान-प्रविधान’ मे व्याकरणिक अन्तर बताया। उन्होँने रेफ-प्रयोग के नियम को समझाते हुए, ‘पुनर्मूल्यांकन’ ‘बहिर्मुखी’ इत्यादिक शब्दोँ का उदाहरण प्रस्तुत किया।

आचार्य पं० पृथ्वीनाथपाण्डेय ने १ सितम्बर से १५ सितम्बर तक ‘हिन्दी-पखवाड़ा– २०२६ के अन्तर्गत आयोजित चार प्रतियोगिताओँ :– श्रुतलेखन, शब्दावली, प्रश्नोत्तरी तथा निबन्धलेखन के विजेता-विजेत्रियोँ को पुरस्कृत किया, जिसमे अखण्ड प्रताप सिंह और राकेशकुमार ने भी पुरस्कृत किये।

टी० ह्वी० सी० बी०-प्रमुख राकेश कुमार और प्रयागराज उपकेन्द्र-प्रभारी अखण्ड प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय को स्मृतिचिह्न भेँटकर सम्मानित किया।

अन्त मे, राकेश कुमार ने उपस्थित मुख्य अतिथि एवं अन्य जन के प्रति आभार-ज्ञापन किया। समारोह का संचालन विनीत कुमार ने किया।
इस अवसर पर गौरव गुप्ता, वी० वी० सिंह, शेखर भट्ट, पूजा वर्मा, वैष्णवी शर्मा, रीना, बबिता कुमारी इत्यादिक उपस्थित थे।