प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल को भरोसा दिलाया है कि पड़ोसी देशों को प्राथमिकता देने की भारत की नीति में वह सबसे महत्वपूर्ण है। आज जनकपुर में एक नागरिक अभिनन्दन समारोह में श्री मोदी ने कहा कि संकट की हर घड़ी में भारत और नेपाल हमेशा साथ खड़े रहे हैं।
इतिहास साक्षी रहा है जब-जब एक दूसरे पर संकट आए हैं भारत और नेपाल दोनों मिलकर खड़े हुए। भारत दशकों से नेपाल का एक स्थाई विकास का साझेदार है। नेपाल हमारी नेबरहुड फस्ट की पॉलिसी में सबसे आगे आता है, सबसे पहले आता है। श्री मोदी ने धार्मिक शहर जनकपुर के विकास के लिए एक सौ करोड़ रुपये का पैकेज दिये जाने की घोषणा भी की। इससे पहले, श्री मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने जनकपुर और अयोध्या के बीच सीधी बस सेवा का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने कहा कि रामायण सर्किट दोनों देशों के बीच धार्मिक तीर्थाटन के विकास और संपर्क को मजबूत बनाने में मददगार होगा।
आज जनकपुर-अयोध्या सीधी बस सेवा का प्रारम्भ हो रहा है। मैं इसके लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी का, प्रशासन का, हृदय से आभार व्यक्त करता हूं और भविष्य में आर्थिक विकास के लिए हमारे सांस्कृतिक संबंधों को और ताकत देने के लिए, हमारे पीपल टू पीपल कॉन्ट्रेक्ट के लिए ये एक नई धरोहर के रूप में आगे रास्ता प्रशस्त करेंगे । इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने नेपाल और भारत दोनों जगह बौद्ध और जैन धर्म से जुड़े स्थानों के विकास के लिए दो और सर्किट विकसित करने की भी घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत बिहार में रक्सौल से काठमांडू के बीच एक रेल संपर्क लाइन भी बनाएगा, जिससे सामानों की आवाजाही और दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी। श्री मोदी नेपाल की दो दिन की सरकारी यात्रा के मौके पर आज सुबह जनकपुर पहुंचे और जानकी मंदिर में पूजा-अर्चना की। श्री ओली ने मंदिर परिसर में उनका स्वागत किया। काठमांडू पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रस्मी स्वागत किया गया। उन्होंने नेपाल के नेताओं से भेंट की। श्री मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ वार्ता की। दोनों नेता मिलकर नौ सौ मेगावॉट क्षमता वाली अरुण-तीन पनबिजली परियोजना की आधारशिला रखेंगे और इस मौके पर संयुक्त वक्तव्य भी जारी करेंगे।