भारत की इंग्लैण्ड पर ऐतिहासिक विजय!

भारतीय दल ने शुभमन गिल के नेतृत्व मे इंग्लैण्ड मे इंग्लैण्ड-दल के विरुद्ध खेले जा रहे पाँच क्रिकेट टेस्ट मैचोँ के शृंखलान्तर्गत आज (६ जुलाई) बर्मिंघम मे खेले गये दूसरे टेस्ट मैच के पाँचवेँ और अन्तिम दिन इंग्लैण्ड को ३३६ रनो की बृहद् रनसंख्या से पराजित कर, शृंखला १-१ से समान करते हुए, ‘ऐतिहासिक’ विजय अर्जित की है। भारतीय दल ने इंग्लैण्ड-दल को जीतने के लिए कुल ६०८ रनो का लक्ष्य दिया था। कप्तान शुभमन गिल ने प्रथम पारी मे २६९ रन और द्वितीय पारी मे १६१ रन बनाकर इंग्लैण्ड के सम्मुख एक ललकार प्रस्तुत कर दिया था। आकाशदीप ने इस मैच मे सर्वाधिक १० विकेट (४ और ६) लिये थे।

महत्त्व का विषय है कि यह किसी एशियाई देश की बर्मिंघम (इंग्लैण्ड) मे प्रथम विजय है। यह जीत समस्त भारतीय खेलाड़ियोँ की है, जिसमे अत्युत्तम कोटि की भारतीय खेलाड़ियोँ का बल्लेबाज़ी, गेन्दबाज़ी और क्षेत्ररक्षण रहा। भारतीय खेलाड़ियोँ ने सिद्ध कर दिया है कि वे इंग्लैण्ड के खेलाड़ियोँ से ‘बीस’ हैँ, जबकि इंग्लैण्ड ‘अट्ठारह’ है। शुभमन गिल, ऋषभ पन्त, के० एल० राहुल और रवीन्द्र जाडेजा की प्रभावपूर्ण बल्लेबाज़ी, जबकि मो० सिराज, आकाशदीप, प्रसिद्ध कृष्णा, रवीन्द्र जाडेजा और वाशिंग्टन सुन्दर की गेन्दबाज़ी उत्तम कोटि की रही। दोनो दल की रनसंख्या इसप्रकार रही :–
भारतीय दल (प्रथम पारी) :– ५८७ रन।
द्वितीय पारी :– ४२७ रनो पर ६ विकेट (पारी-समाप्ति की घोषणा।)।
इंग्लैण्ड-दल (प्रथम पारी) :– ४०७ रन।
द्वितीय पारी :– २७१ रन।

उल्लेखनीय है कि भारतीय दल प्रथम टेस्ट मैच की पराजय से सबक़ लेते हुए, अवसरानुसार यथोचित क्षेत्ररक्षण की व्यवस्था कर, विरोधी दल के विरुद्ध व्यूहरचना करने मे पूर्णत: सफल रहा और इंग्लैण्ड के लिए आगामी टेस्ट मैचोँ मे ख़तरे की घण्टी बजा दी है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ६ जुलाई, २०२५ ईसवी।)