जे०एन०यू० में छात्र-छात्राओं-अध्यापकों पर योजनाबद्ध हमला

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-

लेखक/चिन्तक डॉ• पृथ्वीनाथ पाण्डेय

वे नक़ाबपोश कौन हैं, जिन्होंने आज (५ जनवरी) जे०एन०यू० की लड़कियों के छात्रावास में पहुँचकर छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किये हैं और उन्हें बुरी तरह से लाठियों से मारे हैं। जो वीडियो सार्वजनिक हो रहे हैं, उनमें छात्राएँ भयातुर होकर चीख़ती-चिल्लाती भाग रही हैं। क्या वे सभी अपराधी पकड़े जायेंगे? जे०एन०यू० छात्र-संंघ की अध्यक्ष आइशी घोष रक्तरंजित अवस्था में लगभग २५ घायल छात्र-छात्राओं के साथ ‘एम्स’ में भर्ती हैं। प्रो० सुचरिता सेन भी घायल हैं। उनमें से कई छात्र-छात्राओं, अध्यापकों आदिक के हाथ-पैर टूटे हैं; सिर फूटे हैं, जिन्हें नक़ाबपोशों ने लाठियों से मारे हैं। घायल छात्रों का कहना है कि उन्हें पुलिस ने भी मारे हैं।

प्रश्न है, देश के प्रमुख विश्वविद्यालय जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की आन्तरिक सुरक्षा-व्यवस्था चरमरा क्यों गयी है? दिल्ली-पुलिसप्रशासन की ओर से घटना के तीन घण्टे बाद पुलिस-बल क्यों भेजा गया था? इस प्रकार इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि दिल्ली-पुलिस की मिलीभगत से उक्त घटना को अंजाम दिया गया है; क्योंकि अब वह भी ‘राजनीति’ के शिकंजे में जकड़ी हुई दिख रही है।

बहरहाल, अब यह घटना ‘देशव्यापी’ हो चुकी है। यही स्थिति रही तो सम्पूर्ण देश में ‘विद्यार्थी-क्रान्ति’ अवश्यमेव है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; ५ जनवरी, २०२० ईसवी)