हरदोई में कासिमपुर में महाबली बुलडोजर ने अवैध घर ज़मींदोज कर दिए हैं। करीब बीस साल पहले इसी प्रशासन के उस समय तैनात नुमाइंदों ने सिक्कों की खनक में धृतराष्ट्र बनकर सरकारी ग्राम समाज व पशुचर की जमीन पर न सिर्फ अवैध रूप से बल्कि सरकारी आवास बनवा दिए थे। भू माफिया की मिलीभगत के चलते इस अवैध गांव को नवाब नगर का नाम दिया गया था। अब सीएम के एंटी भू माफिया एक्ट ने यहां 30 घरों को न सिर्फ गिरा दिया बल्कि कई लोगों को एक सप्ताह का समय देकर नोटिस थमाते हुए अतिक्रमण हटाने को कहा है।
मामला हरदोई के कासिमपुर थाना इलाके के बेहन्दर का है। यहां महाबली गरीबों के घर उनके ही सामने गिराते रहे और गरीबों की आंखों से आँसू छलकते रहे । किया क्या जाए यह आवास अवैध रूप से जो बनाये गए थे। योगी सरकार में चल रहे एन्टी भू माफिया अभियान के अंतर्गत विकास खंड बेंहदर क्षेत्र के पशुचर की जमीन पर बसे नवाबनगर में बने अवैध रूप से दर्जनों घरों पर राजस्व टीम ने पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर घरों को तोड़ दिया। करीब तीस घर टूर कर बिखर गए और जो लोग मौजूदा समय में अपने घरों में रह रहे है उन्हें 31 जनवरी तक का मौका दिया गया है। जिन लोंगो के नवाब नगर में घर गिरे है उनका कहना है कि उन लोगों ने को नहीं पता था कि वो पशुचर की जमीन है और न ही किसी ने बताया । बिना सूचना व नोटिस दिये ही राजस्व टीम ने पुलिस बल के साथ आकर घरों पर बुल्डोर चला दिया। मेहनत से बनाये हुए घरों को आंखों के सामने गिरता देख घर मालिकों की आंखों से आंसू बहते नजर आ रहे थे । बच्चे अपने माता पिता को रोता देख सिसक रहे थे।
सण्डीला के उपजिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने नायब तहसीलदार तनूजा निगम व अन्य तहसील स्तर के कर्मचारियों के साथ थाना कासिमपुर पुलिस बल की सहायता से पशुचर की जमीन पर बसे नवाब नगर में बने घरों को बुल्डोजर चलवाकर गिरा दिया। यह घर अवैध रूप से बने थे । लेकिन सोचनीय बात तो ये है कि जिन व्यक्तियों के घर गिर गए है उन लोगों ने पता नहीं कितनी मेहनत कर एक एक पैसा जोड़कर रहने के लिए एक मकान की व्यवस्था की होगी । उनकी आंखों के सामने ही उनके घर टूट कर बिखर गए। अब प्रश्नन ये उठता है कि इतने भीषण कोहरे और भरी कड़ाके की ठंड में ये लोग अपना परिवार लेकर कहाँ जाएंगे। वहीं भीड़ को पुलिस ने लाठियां पटककर खदेड़ दिया। हालांकि एडीएम ने बताया कि जो अवैध मकान बचे हैं, उनके स्वामियों को नोटिस जारी की गयी है । इसके बावजूद जल्द ही अवैध कब्जा न हटाया तो अभियान चलाकर उसे ध्वस्त कराएंगे। पशुचर की समस्त जमीन को मुक्त कराया जाएगा। जो मलबा इकट्ठा हुआ है वह सरकारी कोटे में जमा किया जाएगा। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जिन लोगों ने पशुचर की भूमि बेची है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। पता कराया जा रहा है कि किन-किन प्रधानों ने जमीनें बेची हैं। पशुचर जमीन को अवैध कमाई का जरिया बनाने वाले भूमाफिया में से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।