यारी श्याम से करो, तूफान थम जाएंगे – राजनंदिनी

गोपामऊ (हरदोई)- बहोरवा गांव में नवधा ब्रम्हदेव आश्रम पर बह रही कुंभ कथा की पावन धारा के अंतिम दिवस प्रवचन मंच पर विराजमान फरूखाबाद से पधारी राजनंदिनी ने जीवन जीने के सलीके को विस्तार से समझाकर श्रोताओं के दिल में भक्ति की बयार बहाई। इसके साथ ही महाभारत के दुर्योधन वध का मार्मिक वर्णन किया।

नवधा ब्रम्हदेव आश्रम पर गत वर्षों की भांति 20 जनवरी से प्रारंभ हुई कुंभ कथा के सातवें दिन सांय कालीन बेला में व्यासमंच पर विराजमान साध्वी राजनंदिनी जी ने कहा कि लोग आजकल भगवान से मांगते हैं, लेकिन इस गलतफहमी को दरकिनार कर भक्तों को भगवान को मांगना चाहिए। दुश्मनी करनी है तो भगवान से, यारी करनी है तो वह भी श्याम से ही करनी चाहिए। जीवन में आने वाली हर प्रकार की समस्याओं का मात्र यही समाधान है। इसके बाद साध्वी ने महाभारत के उस मार्मिक चरित्र का संगीतमयी वर्णन करते हुए कहा कि जिस समय श्याम की छत्रछाया में युद्ध करते हुए पांडवों ने 99 कौरवों को काल के गाल में सुला दिया। तो दुर्योधन को चिंता हुई। उसकी मां गांधारी ने अपने पुत्र का शरीर पत्थर का बनाने की पूरी योजना बनाई। लेकिन भगवान मुरलीधर ने इस योजना को कारगर नहीं होने दिया। इसके बाद दुर्योधन उल्टे पैर तालाब में जाकर छिप गया। लेकिन भगवान कृष्ण ने उसे खोज निकलवाया। इसपर भीम ने अपने गदा से प्रहार करते हुए दुर्योधन की जंघा को तोड़ दिया। जिससे निकले रक्त से ही द्रोपदी ने अपने केशों को धुला। इस प्रकार भगवान श्याम सुंदर ने जब भी अपने भक्तों पर समस्या देखी तो हर संभव मदद करते रहे। इस आयोजन के संबंध में नवधा ब्रम्हदेव आश्रम कमेटी ने जवाबी कीर्तन व कन्याभोज के बाद आज कथा का समापन होगा। इस मौके पर पांडाल इलाके व गांव के लोगों से खचाखच भरा नजर आया।