बदायूँ: बरसात शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, बाढ़ के दिनों में बंधे पर गुज़र-बसर करने वालों का वहां जीवन यापन करना किसी चुनौती से कम नहीं। गंगा का पानी बंधे तक पहुँच रहा है, लेकिन बाढ़ खण्ड विभाग की ओर से कार्य काफी धीमी गति से किया जा रहा है, जिस देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने बाढ़ खण्ड के अधिकारियों की कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि तीव्र गति से कटान रोकने का कार्य कराया जाए, लापरवाही को किसी दशा में क्षम्य नहीं किया जाएगा।

शुक्रवार को जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी एवं अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नरेन्द्र बहादुर सिंह ने विकासखण्ड सहसवान के ग्राम भमरौलिया, खाकी नगला और परशुराम नगला का निरीक्षण किया। यह गांव अक्सर बाढ़ से प्रभावित रहते हैं, जिसके चलते यहाँ जनजीवन बहुत ही प्रभावित हो जाता है और आवाजाही के मार्ग से बाढ़ के कारण सम्पर्क टूट जाता है। ग्राम परशुराम नगला में अभी से आवागमन प्रभावित हो गया है, यहां नांवों से जाया जा रहा है। डीएम ने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि मनरेगा से कार्य कराकर बंधे का मरम्मत कार्य कराया जाए। बाढ़ खण्ड विभाग कार्य में गति लाए, जिससे नुकसान न होने पाए, मिट्टी के कट्टे भरवाकर डलवाए जाएं।
उन्होंने गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने अवगत कराया कि बरसात के दिनों में तीन महीने उन्हें बंधे पर गुज़ारना पड़ते हैं, जिसमें बहुत ही कठिनाई का सामना करना पड़ता है, अक्सर उनके घर बाढ़ में बह जाते हैं, सर ढकने के लिए न तो छत होती और न ही खाने के लिए भोजन, ऐसी स्थिति में परिवार का जीवन बचाना चुनौतिपूर्ण होता है। ग्रामीणों ने गुज़ारिश की कि उन्हें सुरक्षा स्थान पर बसवा दिया जाए, जिससे वह इन कठिनाईयों से बच सकें। डीएम ने उपजिलाधिकारी को निर्देश दिए कि ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकों पट्टे कर सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए।