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ध्वस्त होने के क़रीब योगी-मोदी के हवाई क़िले

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

यदि आज उत्तरप्रदेश-विधानसभा के चुनाव हों तो अनुमानत: परिणाम-विभाजन इस प्रकार सार्वजनिक होंगे :—

प्रथम स्थान– समाजवादी दल– लगभग २०० सीटें।
द्वितीय स्थान– भारतीय जनता पार्टी– लगभग १६० सीटें।
तृतीय स्थान– काँग्रेस पार्टी– लगभग ३५ सीटें।
चतुर्थ– अन्य और निर्दलीय– लगभग १२ सीटें।
पंचम– बहुजन समाज पार्टी– लगभग १० सीटें।
षष्ठ– आम आदमी पार्टी– लगभग ३ सीटें।

● ब्राह्मणों का अधिकतर मत-प्रतिशत समाजवादी दल और काँग्रेस पार्टी के पक्ष में जायेगा।
● ठाकुरों (छत्रियों) का अधिकतर मत-प्रतिशत भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी दल के पक्ष में जायेगा।
● पिछड़े तथा अति पिछड़े वर्गों का अधिकतर मत-प्रतिशत समाजवादी दल और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जायेगा।
● ‘सरकारी दलितों’ का अधिकतर मत-प्रतिशत भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पक्ष में जायेगा।
● मुसलमानों का अधिकतर मत-प्रतिशत समाजवादी दल और काँग्रेस पार्टी के पक्ष में जायेगा।
● किसानों का अधिकतर मत-प्रतिशत काँग्रेस पार्टी और समाजवादी दल के पक्ष में जायेगा।
● युवावर्ग (पुरुष) का अधिकतर मत-प्रतिशत समाजवादी दल और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जायेगा।
● युवा-वर्ग (महिला) का अधिकतर मत-प्रतिशत काँग्रेस पार्टी और समाजवादी दल के पक्ष में जायेगा।
● सामान्य महिलाओं का अधिकतर मत-प्रतिशत काँग्रेस पार्टी और समाजवादी दल के पक्ष में जायेगा।
● सैनिकों और अन्य सुरक्षाकर्मियों का अधिकतर मत-प्रतिशत समाजवादी दल और काँग्रेस के पक्ष में जायेगा।
● केन्द्रीय सेवाकर्मियों का अधिकतर मत-प्रतिशत समाजवादी दल और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जायेगा।
● राज्यसेवाकर्मियों का अधिकतर मत-प्रतिशत समाजवादी और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जायेगा।
● डाक-माध्यम से कराये गये मतदान का अधिकतर प्रतिशत समाजवादी दल और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जायेगा।
◆ प्रियंका गान्धी का अनथक चुनावी अभियान रंग ला चुका है।
◆ प्रियंका गान्धी के लखीमपुर खीरी जाते समय सीतापुर में पुलिसकर्मियों-द्वारा दुर्व्यवहार और अवैध गिरिफ़्तारी। ◆ प्रियंका गान्धी को गिरिफ़्तार कर सीतापुर में जिस स्थान पर रखा गया था, उस स्थान पर झाड़ू लगाते हुए, उनका वीडियो सार्वजनिक होना।
◆ प्रियंका गान्धी का लखीमपुर खीरी में जाकर मृतकों के स्वजन से मिलकर उनके शोक को बाँटना।
◆ प्रियंका गान्धी को वाराणसी और लखनऊ में अपार जनता का समर्थन प्राप्त होना।

आदित्यनाथ की विफलता के मुख्य कारण :–

(१) अपराध में अत्यधिक वृद्धि।
(२) महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधी।
(३) आदित्यनाथ की मनमानी।
(४) कोरोना के दोनों चरणों में उत्तरप्रदेश-सरकार की नाकामी और उदासीनता।
(५) ब्राह्मणवर्ग की पूरी उपेक्षा और उसके प्रति निर्दयता।
(६) महँगाई चरम पर; सरकार का हाथ-पर-हाथ धरे रहना।
(७) किसानों को अभावों में जीने के लिए बाध्य करना।
(८) लखीमपुर खीरी में केन्द्रीय गृहराज्यमन्त्री के बेटे और उसके गुर्गों-द्वारा निर्दोष किसानों को जीप से रौंदकर हत्या करना; हत्यारे के बाप को मन्त्रिमण्डल में बनाये रखना।
(९) राज्य के शिक्षित युवावर्ग को अध्यापकीय कर्म से वंचित किये रखना। उनके शान्तिपूर्ण धरना-प्रदर्शन को अपने पुलिसबल-द्वारा बलप्रयोग कर हिंसात्मक रूप देना।
(१०) भारतीय जनता पार्टी का अन्त: कलह (‘अन्तर्कलह’ अशुद्ध है।) और आदित्यनाथ के विरुद्ध उन्हीं के दल के नेताओं की गिरोहबन्दी।
अभी सीटसंख्या में बहुत परिवर्त्तन दिखेगी, जो वर्तमान सत्ताधारी दल को उत्तरप्रदेश से बेदख़ल करने में सहायक सिद्ध होगी। हमारे संवादसूत्र उत्तरप्रदेश के राजनैतिक सर्वेक्षण करने में लगे हुए हैं।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २३ अक्तूबर, २०२१ ईसवी।)