रेलकर्मी अपहरण मामले में त्वरित जांच के आदेश

दीपक कुमार श्रीवास्तव-

कछौना (हरदोई)। जनपद की कोतवाली कछौना क्षेत्र में रविवार सुबह घर से ड्यूटी करने निकले रेलकर्मी का अपहरण हो गया। परिजनों की शिकायत पर अपहरण जैसे गंभीर मामले को नजरअंदाज कर स्थानीय पुलिस द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही न किये जाने के अलावा सख्त लहजे में पेश आने से आहत व दुखी अपहृत रेलकर्मी के परिजन सोमवार को न्याय की गुहार लगाने एसपी कार्यालय पहुँचे। जहाँ उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए अपहरण और स्थानीय पुलिस की लापरवाही की सारी कहानी एएसपी से रोते हुए बयां की। एएसपी पूर्वी अनिल कुमार यादव ने पूरे मामले में जांच के आदेश देते हुए त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तर रेलवे के बालामऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गैंगमैन पद पर कार्यरत रेलकर्मी कमल किशोर उर्फ मोनू रविवार सुबह लगभग सात बजे ड्यूटी के लिए घर से निकल था। मगर वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचा। वहीं लापता रेलकर्मी कमल किशोर की पत्नी सावित्री द्वारा कछौना पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक उसके पति के समय से ड्यूटी पर नही पहुँचने की सूचना उसे विभगीय उच्चाधिकारी द्वारा प्राप्त हुई। जिसके बाद उसने तलाश शुरू की। सावित्री के अनुसार तलाश के दौरान रेलवे फाटक के पास पहुँचने पर देखा कि उसके पति को लोन्हारा ग्रामसभा के गांव हरदेवनखेड़ा निवासी जयराम अपने साथ ले जा रहा है, जिसके बाद से वह लापता है। सावित्री ने जयराम पर अपने पति के अपहरण का आरोप लगाते हुए पूर्व में उसकी पुत्री के साथ अपने पति के रहे प्रेम संबंधों को वजह बताया है।

पुलिस की निष्क्रियता से आहत परिजन फरियाद लेकर पहुँचे एसपी ऑफिस

अपहृत रेलकर्मी की पत्नी सावित्री ने बताया कि अपने पति के अपहरण की शिकायत लेकर परिजनों के साथ कछौना थाने पहुंची। मगर पुलिस ने पति का पता लगाने के न तो कोई प्रयास किए और न ही आरोपी के विरुद्ध कोई कार्यवाही की। वहीं अपहृत रेलकर्मी के पिता ने थाने पर शिकायत लेकर पहुँचने के दौरान स्थानीय पुलिस के एसएसआई पर सख्त लहजे के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किये जाने का आरोप लगाते हुए बताया कि उसके बेटे की जान खतरे में है और पुलिस सुन नहीं रही थी। जिसके बाद मजबूर होकर न्याय की फरियाद लेकर एसपी कार्यालय आना पड़ा। वहीं एसपी आफिस में परिजनों द्वारा पूरे मामले की जानकारी के बाद एएसपी अनिल कुमार यादव ने थाना पुलिस को त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया है। वहीं प्रभारी निरीक्षक हंसमती ने परिजनों के साथ पुलिस द्वारा की गई बदसलूकी के आरोपों को सिरे से नकारते हुए मामले में जांच जारी किये जाने की बात कही है। फिलहाल पुलिस मामले को संदिग्ध बता रही है जाँच के बाद ही तस्वीर साफ होगी।