कोविड-19 से निपटने के लिए आधी रात से पूरे देश में 21 दिन का लॉकडाउन लागू है। इस दौरान सभी सड़क, रेल और विमान सेवाएं बंद रहेंगी, लेकिन देशभर में आवश्यक वस्तुओं को लाने-ले जाने के लिए मालवाहक वाहनों का आवागमन जारी रहेगा। दवा की दुकान, पेट्रोल पम्प, किराना, दूध और ऑनलाइन शॉपिंग जैसी आवश्यक सेवाओं को पूर्णबंदी से छूट दी गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस बीमारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में ढांचागत सुविधाओं को मज़बूत बनाने के लिए 15 हज़ार करोड़ रुपये के केन्द्रीय आबंटन की घोषणा की है। एक हफ्ते से कम समय में दूसरी बार राष्ट्र को संबोधन में कल श्री मोदी ने कहा कि पूर्णबंदी के दौरान घर से बाहर निकलने पर कडा प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि पूर्णबंदी कर्फ्यू की तरह होगी और जनता कर्फ्यू से अधिक सख्त होगी। श्री मोदी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री से लेकर गांव में एक व्यक्ति तक सबके लिए है। प्रधानमंत्री ने कहा
देश में यह लॉकडाउन 21 दिन का होगा तीन सप्ताह का होगा। हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो कोरोना वायरस की संक्रमण साइकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है। अगर ये 21 दिन नहीं संभले तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जायेगा।
प्रधानमंत्री ने माना कि इस निर्णय की आर्थिक कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन लोगों का जीवन बचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। प्रधानमत्री ने जोर देकर कहा कि कोरोना वायरस पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखने का सख्ती से पालन करना होगा।
कुछ लोग इस गलतफहमी में है कि सोशल डिस्टेंसिंग केवल मरीज के लिए बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं, सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक के लिए, हर परिवार के लिए, परिवार के हर सदस्य के लिए है, प्रधानमंत्री के लिए भी है। कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच आपको, आपके बच्चों को, आपके माता-पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को और आगे चलकर पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
साभार : प्रसार भारती