आरती जायसवाल (साहित्यकार, समीक्षक)
जीवन संघर्ष में बढ़ते रहना
अपने लक्ष्य की ओर
बिना रुके, बिना थके, बिना निराश हुए,
अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति की थाती लेकर।
अपना आत्मविश्वास कभी घटने मत देना।
एक ज़िन्दगी में कई कठिनाइयाँ हैं
कई सफलताएँ और असफलताएँ भी हैं।
कई खोए हुए रास्ते हैं,
कई मन्ज़िलें भी हैं।
इसलिए कभी मत होना निराश,
खुद को कभी मिटने मत देना।
ज़िन्दगी अनमोल है
इसे बचाए रखना
मत आना किसी की निराश बातों में,
न ध्यान देना नकारात्मक टिप्पणियों पर,
कभी कोई रास्ता न मिले
तो हताश मत होना।
कुछ पल ठहर जाना,
अपने लिए फिर से नए रास्ते ढूंढ़ लेना ,
फिर से बढ़ जाना अगले रास्ते पर ,
आँखों में नए सपने गढ़ लेना।
काली रातों से मत डरना
नई सुबह का इन्तज़ार कर लेना।
किसी और के लिए नहीं तो अपने लिए जी लेना।
‘मरना तो है ही एक दिन’
फिर ऐसी भी क्या जल्दी?
ज़िन्दगी की किताब के
पन्ने-पन्ने पढ़ लेना।