आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

जिन्होंने पी०सी०एस०-साक्षात्कार परीक्षा में हमारे विद्यार्थियों से प्रश्न किया है– मुख्यमन्त्री शब्द से पहले ‘श्री’ लगेगा अथवा नहीं, उनसे हमारा प्रश्न है– उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री का नाम हमने नीचे लिखा है। आपको इनमें से शुद्ध उत्तर का चयन कर, उत्तर बताना है।

यह प्रश्न देश के समस्त विद्यार्थियों, भाषापण्डित-भाषामर्मज्ञवृन्द, विद्वज्जन, साहित्यकारगण, हिन्दी और शेष विषयों के अध्यापकों- प्राध्यापकों, मीडियाकर्मियों, साहित्य और साहित्येतर सम्पादकों तथा शेष सभी के लिए है।

आप यहाँ अपने बुद्धि-कौशल का परिचय प्रस्तुत कर सकते हैं। निश्चित रूप से इस प्रश्न का सम्यक् उत्तर पाने के लिए सभी को ‘बुद्धि-व्यायाम’ करने ही होंगे; क्योंकि किसी पुस्तक, कोश तथा ‘गूगल’ में इसका उत्तर उपलब्ध नहीं है। आप सभी यही सोचकर इस प्रश्न का उत्तर तलाश कीजिएगा कि यह ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ का प्रश्न है, जो सहज दिखते हुए भी उत्तरदाता को ‘असहज’ करने लगता है। आपको ‘अतिरिक्त’ विचार-प्रवाह का भी आश्रय लेना पड़ सकता है।

हमारा प्रश्न है– निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य शुद्ध है?

   (क) माननीय श्री योगीआदित्यनाथ जी 
   (ख) माननीय योगी आदित्यनाथ जी
   (ग) श्री आदित्यनाथ योगी जी
   (घ) श्री योगी आदित्य नाथ जी
   (ङ) श्री योगी आदित्यनाथ जी
   (च) माननीय श्री योगी आदित्य नाथ जी

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १८ जुलाई, २०२० ईसवी)