संजय सिंह, सांसद, आप ने पेयजल एवं स्वच्छता मिशन पर उठाए सवाल! | IV24 News | Lucknow

आवर्त्तन-दरार

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

एक–
महकी अमराई
चहका यौवन
आग लगी पानी में!
दो–
आँखों-की खटास
कोई आस-न-पास
रिश्ते मुसकरा उठे।
तीन–
काग़ज़ की नाव
बारिश की छाँव
सूरज सघन चिकित्साकक्ष में।
चार–
वर्तनी अकेली
सौन्दर्य-बोध लजीला
अभिव्यक्ति दरकने लगी।
पाँच–
प्रतीक सजीला
बिम्ब रंगीला
अभिव्यक्ति बहक पड़ी।
(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २ जुलाई, २०२१ ईसवी।)