सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

संभाल लेना

मैं पंथ से विपंथ न हो जाऊं
मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर।
मैं भक्त से अभक्त न बन जाऊं
मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर।
मैं पुण्य से पाप की तरफ न बढ़ जाऊं
मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर।
मैं न्याय से अन्याय न करने लग पड़ूँ
मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर।
मैं जीत कर भी हार न जाऊं
मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर।
मैं हंसता हुआ कभी रो न पडूँ
मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर।
मैं इंसान से हैवान न बन जाऊं
मुझे संभाल लेना मेरे ईश्वर।

राजीव डोगरा
(भाषा अध्यापक)
गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा
पता-गांव जनयानकड़, कांगड़ा