फलस्तीन सहित तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज जॉर्डन पहुंचे । श्री मोदी की यात्रा को फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने ऐतिहासिक बताया । प्रधानमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा उस समय हुई जब भारत ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के येरूसलम को इस्राइल की राजधानी बनाने के फैसले का संयुक्त राष्ट्र में कडा विरोध किया था ।
फलीस्तीन मुद्दे पर भारत हमेशा से अपना समर्थन देता आया है। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इस्राइली प्रधानमंत्री बेयामिन नेतनयाहु का हाल ही भारत का दौरा हुया था । यह दौरा इस बात को दर्शाता है कि इस्राइल के साथ अपने संबंधों को भारत अलग और खास महत्व देता है । पिछले साल इस्राइल जाने से पहले श्री मोदी ने फलीस्तीन के राष्ट्रपति महबूब अब्बास की भारत यात्रा की मेजबानी की थी और उस दौरान उनके बीच खास बातचीत इस बात का सबूत है कि भारत के इस्राइल और फलीस्तीन दोनों से संबंधों को कितना महत्व देता है । प्रधानमंत्री की यह रमल्ला यात्रा कहीं ना कहीं भारत और फलीस्तीन के संबंधों को नए आयाम देने के साथ-साथ उन्हें और मजबूत बनाएगी ।