होली की पावन पर्व पर साहित्य संगम संस्थान घनाक्षरी शाला में रंगोत्सव समारोह बहुत धूम धाम से मनाया गया जिसमे हर प्रकार की घनाक्षरी की फुहार देखने को मिली और पूरा दिन ये शाला भावों के रंग से सराबोर रही।
रंगोत्सव समारोह प्रात:11 बजे शंखनाद की सुमधुर ध्वनि और सरस्वती वंदना के साथ प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय हास्य कवि डॉ.अनिल चौबे जी के आशीर्वचनो ने सबको उत्साह में भर दिया और उसके बाद जो रंग बरसना शुरू हुआ रात आठ बजे तक नहीं थमा। त्यौहार के दिन साहित्यिक मंच में इतनी चहल पहल ऐतिहासिक क्षण था।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष आ.राजवीर सिंह मंत्र ने सभी रचनों को शेयर कर मनोबल की पिचकारी ऐसी मारी की जोश और बढ़ गया सह अध्यक्ष आ.मिथलेश सिंह मिलिंद सुबह से ही रंग में रंगे दिखे और पूरे कार्यक्रम भर टिप्पणी की फुहार मारकर रंग जमाते रहे। कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. कुमार रोहित रोज जिनके हाथों कार्यक्रम की पूरी बागडोर थी उन्होंने पूरा समय हर रचनाकार के साथ दिया और विधान से आई हुई घनाक्षरी संकलित कर पुस्तक बनाने का बहुत ही सुंदर उपहार सबको दिया, जिसे सुनकर दूर दराज से नए नए भावों की वर्षा होने लगी।
इस कार्यक्रम की खास बात की हर किसी ने घनाक्षरी लिखी भी और बहुत ही मधुर स्वर में गायन भी किया जिससे शाला चहकती महकती रही। अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने मुख्य अतिथि को घनाक्षरी नलिनेश सम्मान से सम्मानित किया और सह अध्यक्ष आ.मिथलेश सिंह मिलिंद जी ने सभी रचनाकारों को इंद्रायुध सम्मान से सम्मानित कर कार्यक्रम के समाप्ति की घोषणा की।