टाटा सन्स और सिंगापुर एयरलाइंस की ओर से आज जारी संयुक्त विज्ञप्ति में कहा गया है कि नियामक मंजूरी मिलने के साथ ही विलय की यह प्रक्रिया मार्च 2024 तक पूरी हो जाएगी।
नई कंपनी में टाटा सन्स की करीब 75 फीसदी और सिंगापुर एयरलाइन्स की 25 फीसदी हिस्सेदारी होगी। विलय प्रक्रिया के तहत विस्तार एयरलाइन्स एअर इंडिया में 2 हजार करोड़ रूपए का निवेश करेगी।
विस्तारा के आ जाने से एअर इंडिया के विमानों और उड़ानों की संख्या में अच्छी खासी बढोत्तरी होगी जिससे उसकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का किराया भी कम होने की उम्मीद है।