किसानों का कहना है कि मिलगेट व क्रय केंद्रों पर सीधे उपज नहीं ली जा रही और न ही पर्ची दी जा रही । केवल चंद किसानों के पास ही पर्चियां पहुँची हैं । खेतों में फसल खड़ी होने व बुवाई में देरी होने के चलते मजबूरी में विचौलियों के हाथों गन्ना बेंचने को मजबूर हैं। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि फसल के आधार किसानों को पर्चियां दी जा रही हैं। इस बार माफिया या बिचौलिये का खेल नहीं चलने दिया जायेगा। सिस्टम की मॉनिटरिंग हो रही है । चीनी मिल प्रबंधन की मनमानी पर भी नजर रखी जा रही है।
Related Articles
क्रमवार तौल के उपरान्त मिल में गाड़ियों को प्रवेश दिया जाये :- पुलकित खरे
November 16, 2018
0
ग्राम समाज की जमीन पर बोई गई फसल पर चला ट्रैक्टर, प्रशासन ने खाली कराया चारागाह
January 11, 2018
0
माइनर की पटरी फटी, अन्नदाताओं की फसल डूबी
April 13, 2018
0