कहानी : रूहानी फकीर बाबा
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– कल्लूपुर गाँव में शाम जल्दी उतरती थी। सूरज डूबने से बहुत पहले खेतों की पगडंडियाँ सुनसान होने लगतीं, बैलों की घंटियाँ दूर कहीं बजतीं और घरों के दरवाजे एक-एक करके बंद […]
डॉ० राघवेन्द्र कुमार राघव– कल्लूपुर गाँव में शाम जल्दी उतरती थी। सूरज डूबने से बहुत पहले खेतों की पगडंडियाँ सुनसान होने लगतीं, बैलों की घंटियाँ दूर कहीं बजतीं और घरों के दरवाजे एक-एक करके बंद […]