आइए! आरक्षण और प्रति-आरक्षण का मुखर ‘विरोध’ करें
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘आरक्षण’ का परिणाम और प्रभाव देश को अयोग्य और असमर्थ की पंक्ति में ला खड़ा करेगा और एक दिन ऐसा भी आयेगा, जब देश पर ‘नितान्त’ अक्षम, मूल्य और संस्कारविहीन लोग शासन-प्रशासन […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ‘आरक्षण’ का परिणाम और प्रभाव देश को अयोग्य और असमर्थ की पंक्ति में ला खड़ा करेगा और एक दिन ऐसा भी आयेगा, जब देश पर ‘नितान्त’ अक्षम, मूल्य और संस्कारविहीन लोग शासन-प्रशासन […]