“फूँक देते छिद्रों मे गान”– कविवर पन्त
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल्पना के साथ सुमधुर कोमलता भी पन्त के काव्य मे आरम्भ से ही संलक्षित होती है। वे प्रकृति का मातृरूप मे दर्शन करते हैँ और स्वयं एक बालिका के रूप […]
● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल्पना के साथ सुमधुर कोमलता भी पन्त के काव्य मे आरम्भ से ही संलक्षित होती है। वे प्रकृति का मातृरूप मे दर्शन करते हैँ और स्वयं एक बालिका के रूप […]
सुमित्रानन्दन पन्त की जन्मतिथि पर ‘सर्जनपीठ’ का राष्ट्रीय आयोजन बौद्धिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक, साहित्यिक तथा सामाजिक मंच ‘सर्जनपीठ’ के तत्त्वावधान मे २० मई को ‘सारस्वत सदन’, आलोपीबाग़, प्रयागराज से एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन […]
पन्त की १२३ वीं जन्मतिथि के अवसर पर ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान मे २० मई को ‘सारस्वत सदन’, अलोपीबाग़, प्रयागराज के सभागार से ‘प्राकृतिक सौन्दर्य और कवि-दृष्टिबोध’ विषय पर एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का […]
‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज की ओर से आगामी २० मई को पण्डित सुमित्रानन्दन पन्त की जन्मतिथि के अवसर पर अपराह्ण १.३० बजे से ‘प्राकृतिक सौन्दर्य और कवि-दृष्टिबोध’ विषयक एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन किया जायेगा, […]
लोकभाव-भूमि पर एक सुघड़ दृष्टि की रचना करने में दक्ष थे पन्त ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में आज (२० मई) सौन्दर्यशिल्पी पं० सुमित्रानन्दन पन्त की जन्मतिथि के अवसर पर एक आन्तर्जालिक राष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का […]
आज (२० मई) कविवर पण्डित सुमित्रानन्दन पन्त की जन्मतिथि है। ★आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल्पना के साथ सुमधुर कोमलता भी पन्त के काव्य में आरम्भ से ही संलक्षित होती है। वे प्रकृति का मातृरूप में […]
आज (२० मई) कविवर पण्डित सुमित्रानन्दन पन्त की जन्मतिथि है। आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय : कल्पना के साथ सुमधुर कोमलता भी पन्त के काव्य में आरम्भ से ही संलक्षित होती है। वे प्रकृति का मातृरूप […]