आओ! ‘व्यभिचार’ करें
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय क्या ये न्यायाधीशगण अपनी बहू-बेटियों-पत्नियों को पर-पुरुषों के साथ व्यभिचार करने की आज़ादी देंगे? चौकीदार के राजकाल में जो अब तक नहीं हुआ है, वह सब होगा; देखते रहिए। नैतिकता की पुस्तकों […]
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय क्या ये न्यायाधीशगण अपनी बहू-बेटियों-पत्नियों को पर-पुरुषों के साथ व्यभिचार करने की आज़ादी देंगे? चौकीदार के राजकाल में जो अब तक नहीं हुआ है, वह सब होगा; देखते रहिए। नैतिकता की पुस्तकों […]