वैचारिक प्रदूषण से बचने के लिए धैर्य और संयम को सन्मित्र बनाना चाहिए– निशा पाण्डेय
अन्त मे, आयोजक ने समस्त श्रोता-दर्शकोँ और वैचारिक अतिथिवृन्द के प्रति अपना कृतज्ञता-ज्ञापन किया।
अन्त मे, आयोजक ने समस्त श्रोता-दर्शकोँ और वैचारिक अतिथिवृन्द के प्रति अपना कृतज्ञता-ज्ञापन किया।
विद्यार्थियों के लिए घातक दिखता अध्यापकों का एक वर्ग– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ “आज देश में सामान्य स्तर से विशेष स्तर तक के लिए जो भी परीक्षाएँ आयोजित की जा रही हैं, उनमें भाषा और व्याकरण […]
सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका की ओर से ११ जनवरी को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की ७७वीं जन्मतिथि के अवसर पर एक अन्तरराष्ट्रीय आन्तर्जालिक संगोष्ठी आयोजित की गयी, जिसमे विशिष्ट अतिथि के रूप में गढ़ाकोटा […]
‘सिदो कान्हु मुर्मु विश्वविद्यालय’, दुमका (झारखंड) की ओर से ‘वातायन’ अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान 2020 के संदर्भ में डॉ. निशंक का रचना-संसार’ विषय पर द्विदिवसीय आन्तर्जालिक (ऑन-लाइन) अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी (23-24 दिसम्बर) प्रयागराज के शंकराचार्य आश्रम में […]
■ हिन्दी के मानकीकरण के लिए विद्वज्जन को सामने आना होगा बौद्धिक-वैचारिक संस्था ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में हिन्दी-दिवस की पूर्व-सन्ध्या पर ‘हिन्दी के मानकीकरण की समस्या’ पर एक आन्तर्जालिक अन्तरराष्ट्रीय बौद्धिक परिसंवाद का आयोजन […]