आप संसार को जीत सकते हैँ

April 18, 2025 0

आपमे यदि प्रतिभा, योग्यता, पात्रता, प्रतिबद्धता, संसार को जीतने की इच्छा (जिगीषा) और सामर्थ्य हो तो आप कभी परमुखापेक्षी (पराश्रित/परजीवी/परावलम्बी नहीँ हो सकते।आपका परम धर्म है, ‘केवल कर्म करते रहना’। आपकी धारणा होनी चाहिए– अभिलषित/अभीप्सित […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उवाच

February 3, 2024 0

यह सन्देश उनके लिए, जो संसार को जीत लेने की सामर्थ्य विकसित कर सकते हों। परवाह किसी की मत करो। जीवन-यात्रा के पाथेय के रूप मे सकारात्मक जीवन-दिशा-निर्धारण करते हुए, व्यवधान, व्यतिक्रम, अवरोध आदिक नकारात्मक […]

कृष्ण जी की जिज्ञासा

February 7, 2023 0

प्रश्न-:न्याय तो सबकों चाहिए लेक़िन कोई भी जल्दी सत्यनिष्ठ बनने को तैयार नहीं हैं।लेकिन अगर उनके साथ अन्याय होता है तो उन्हें सत्य एवं न्याय की याद अवश्य आती है। उत्तर-:जी!अभी प्रायः लोगों को सत्यनिष्ठा […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय के ‘मार्गदर्शन’ में ‘दु:ख को मित्र बनाना सीखें’

July 13, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••प्रिय विद्यार्थिवृन्द!सारस्वत पथ पर अग्रसर रहे! कल आता है; क्योंकि कल १४ जुलाई है और दिन बुद्धवार। आप इसी दिन प्रतिसप्ताह ‘अमर उजाला उड़ान’ पत्रिका में ‘मार्गदर्शन’ स्तम्भ के अन्तर्गत ‘व्यक्तित्व-संवर्द्धन’ और ‘व्यक्तित्व-परीक्षण’ से सम्बन्धित […]

जीवन का आह्वान

July 1, 2021 0

आत्मीय पाठकगण !मैं मानसिक स्तर पर घड़ी की गति से भी तीव्र गति में चलते रहने का पक्षधर रहा हूँ। विगत समय के कतिपय वर्षों में मैंने अपने सारस्वत कोश में भाँति-भाँति के इतने शब्द-सञ्चय […]

आइए! आत्म-परीक्षण करें

December 31, 2019 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष का वर्तमान ‘अतीत’ होनेवाला है। सहजतापूर्वक समय-चक्र गतिमान है। हम सब का बहुत कुछ कभी न खुलनेवाली एक गठरी में बाँध कर रख दी गयी है, जिसे हम याद ही कर […]