संस्कृतभाषा किसी की ‘बपौती’ नहीं है
०त्वरित टिप्पणी० डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आश्चर्य है कि जिस व्यक्ति के पिता संस्कृत के श्लोकादिक का गायन कर अपने और परिवार की आजीविका का निर्वहण करते हैं, जिसके भाई संस्कृत-अनुरागी हैं, उनका तथाकथित आर्य की […]
०त्वरित टिप्पणी० डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आश्चर्य है कि जिस व्यक्ति के पिता संस्कृत के श्लोकादिक का गायन कर अपने और परिवार की आजीविका का निर्वहण करते हैं, जिसके भाई संस्कृत-अनुरागी हैं, उनका तथाकथित आर्य की […]