भारत की ‘सत्ता’ की राजनीति में ‘म’ की दमदार उपस्थिति!
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की राजनीति में इस समय ‘म’ का अत्यन्त महत्त्व है, क्योंकि सत्ता प्रत्यक्षत: तीन प्रकार के चरित्रवाले ‘म’ के मुँह लग चुकी है। ‘म की माया’ विलक्षण है। हमारे क्रान्तिधर्मी कवि […]