अध्ययन और अभ्यास-द्वारा शुद्ध लेखन करना सीखें– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ “हिन्दी हमारी मातृभाषा है, इसलिए हमारा अपनी भाषा के प्रति उत्कट अनुराग होना चाहिए। हमे अपनी माँ के प्रति जितनी श्रद्धा होती है उतनी ही अपनी भाषा के प्रति भी होनी […]