मण्डप में सजकर बैठी रह गई दुल्हन नहीं आई बारात

सिराथू, कौशाम्बी। सैनी थाना क्षेत्र के मोचारा गाँव निवासी उदयसिंह की बेटी की शादी 09/12/2020 को अझुवा के रहने वाले वीरसिंह पुत्र ओमकार सिंह यादव से होनी थी। बारात के स्वागत की पूरी तैयारी हो चुकी थी। मेहमानों की आवभगत हो रही थी।

शादी का बन्धन जहाँ दो परिवारों को जोड़ता है। वहीं दूसरी ओर शादी को लेकर रिश्ते वालों की अलग-अलग जिम्मेदारी भी होती है। भले ही लड़की पक्ष में थोड़ा ग़म छलकता है। लेकिन जीवन साथी मिलने की खुशियां ज्यादा बड़ी बन जाती है। लेकिन कौशाम्बी में एक परिवार की यह खुशियां शादी के कुछ देर पहले ही सदमें में बदल गई।

दुल्हन की सहेलियों ने दुल्हन को सजाकर तैयार कर दिया था। इतना ही नहीं मण्डप भी तैयार था। उसमें पण्डित जी भी मन्त्र उच्चारण करना शुरू कर चुके थे। माहौल बना हुआ था। जनवासे में मेहमान खाना खा रहे थे। तभी अचानक पता चलता है कि बारात नहीं आयेगी।

बारात नहीं आने की खबर ने गाँव में हलचल पैदा हो गई। फोन पर बात करने पर पता चला कि वीरसिंह पहले ही किसी दूसरे युवती के साथ भागकर शादी रचा था। लेकिन बिरादरी की न होने की वजह से उसके साथ नहीं रहता था। लेकिन शादी की ख़बर सुनते ही वह वीर सिंह के घर अधिकार के साथ पहुँच चुकी है।

इधर उदय सिंह के घर में सारी खुशियाँ ग़म में तब्दील हो गई।उदय सिंह ने अपने मेहमानों को सारी सच्चाई बताई।
दुल्हन निशा देवी की माँ, बहन और सहेलियों की आंखों में आँसू छलक रहे थे। पिता उदय सिंह खुद के साथ परिवार का हौसला बढ़ाते दिखे।

वहीं दुल्हन ने मीडिया के माध्यम से प्रदेश के मुखिया से मांग की है कि वीरसिंह जैसे फ़रेबी लोगों को सज़ा मिलना चाहिए ताकि उसके परिवार की तरह दूसरे परिवार धोखे का शिकार न हो सके।

कौशांबी से ब्यूरो रिपोर्ट