- आईडीवाई-2022 की यात्रा जारी, 25वें दिन हुआ भव्य आयोजन।
- कार्यक्रम में कई कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री, सांसद और योग गुरुओं ने लिया भाग।
नई दिल्ली, 07 अप्रैल, 2022 : अंतरराष्ट्रीय याेग दिवस (IDY)की यात्रा के 25वें दिन गुरुवार को मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY)की ओर से लाल किला पर कामन योगा प्रोटोकॉल का अभ्यास कराया गया। साथ ही योगाभ्यास के महत्च व लाभों के बारे में लोगों को जागरुक किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय आयुष मंत्री सर्बानंद सोणोवाल, आयुष राज्य मंत्री महेंद्र्रभाई मुंजपरा मौजूद रहे। इस मौके पर कई योग गुरु, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विभिन्न देशों के राजदूतों ने कामन योगा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए योगाभ्यास किया। इससे पहले आयुष सचिव राजेश कोटेचा ने सभी का स्वागत किया।

पीएम मोदी के अभियान एक सूर्य, एक पृथ्वी से जुड़ा है योग—
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि योग हमेशा से हमारी संस्कृति सभ्यता में रहा है। उन्होंने कहा कि योग भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। हमारे उपनिषदों में योग का वर्णन है। महर्षि वेद व्यास ने योग समाधि के बारे में बताया। गीता से लेकर महर्षि पतंजलि ने योग सूत्र और भारत की संस्कृति का दर्शन दिया। केंद्रीय कैबिनेट आयुष मंत्री सर्बानंद सोणोवाल ने कहा कि आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है। योग एक ऐसा अभ्यास है जो शरीर और मन के बीच सामंजस्य स्थापित करता है। यह हमें शारीरिक शक्ति देता है और आधुनिक जीवन की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए मानसिक संतुलन और भावनात्मक स्थिरता प्रदान करता है। मैं मोदी जी को धन्यवाद देता हूं क्योंकि उनकी मेहनत और प्रयास से ही योग ने आज वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि हमने 75 विरासत स्थलों में योग प्रदर्शन की योजना बनाई है। हमने सूर्य की गति के साथ दुनिया भर में आईडीवाई के कार्यक्रमों को प्रसारित करने की भी योजना बनाई है। यह प्रधानमंत्री मोदी के ‘एक सूर्य, एक पृथ्वी’ अभियान से जुड़ा हुआ है।”
इस देश को योग ऋषि-मुनियों ने दिया—
परमार्थ निकेतन ऋषिकेश के अध्यक्ष योग गुरु स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने योग को जन-जन तक पहुंचाया, जो इस देश को ऋषि मुनियों ने दिया। योग ने सुबह उठना सिखा दिया जोकि अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि आइए हम सब मिलकर योग करें। ये केवल आजादी का अमृत महोत्सव ही नहीं बल्कि आबादी का भी अमृत महोत्सव है।
यह भी हुए शामिल—
कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन, संस्कृति और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास मंत्री जी किशन रेड्डी, केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री, वन और जलवायु परिवर्तन भूपेंद्र यादव, विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, केंद्रीय शिक्षा और विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह, केंद्रीय श्रम और रोजगार, पेट्रोलियम-प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद जगदंबिका पाल, राजेंद्र अग्रवाल, सुनीता दुग्गल, मंगला सुरेश अंगारी, सी लालतलंथंगा, फागनोन कोन्याक, टोपोन कुमार गोगोई, राजदीप रॉय और होरेन सिंह बे, महाबोधि अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्र लेह लद्दाख के संस्थापक योग गुरु भिक्खु संघसेना, एमडीएनआईवाई के निदेशक डॉ. ईश्वर वी. बसबरड्डि भी मौजूद रहे। वहीं स्वीडन, हंगरी, वियतनाम, मेडागास्कर, त्रिनिदाद और टोबैगो, वेनेजुएला, टोगो, पेरू, किर्गिस्तान, जिम्बाब्वे जैसे कई देशों के दूतावास के साथ उच्चायोगों के कई गणमान्य व्यक्तियों और अधिकारियों ने योग उत्सव में भाग लिया।