‘कोई भी शैक्षिक केंद्र तीन चीजों से मिलकर बनता है- संबंध, प्रक्रिया और परिणाम। अगर संबंध अच्छे हों तो सीखने की प्रक्रियाओं का होना स्वाभाविक रूप ले लेता है और अगर प्रक्रियाएं सही हों तो अच्छे परिणाम अपने आप आते हैं।’
वाराणसी जिले के लैब सेंटर आँगनवाड़ी और को-लोकेटेड आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों की तीन दिवसीय कार्यशाला के समापन के मौके पर इग्नस पहल के कार्यक्रम निदेशक और प्रशिक्षक श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण पिंडरा ब्लॉक कार्यालय के सभागार में आईसीडीएस वाराणसी और इग्नस पहल की साझेदारी में 18-20 दिसम्बर 2023 की अवधि में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में बच्चों के चतुर्दिक विकास के क्षेत्रों- शारीरिक, मानसिक, समाजिक-भावनात्मक, भाषा और रचनात्मकता से जुड़ीं सहज और सरल गतिविधियों के प्रयोग पर विशेष बल दिया गया। परिवेश की चीजों जैसे-नीम की पत्ती, अनाज के दाने, बीज, पत्थर के टुकड़े आदि का उपयोग करके बच्चों के साथ वर्गीकरण, समूहीकरण, क्रम में जमाना, विविध प्रकार के पैटर्न बनाने का अभ्यास उनमें सीखने की बुनियादी कौशलों को बढ़ाने में उपयोगी होता है।
लखनऊ से पधारे सर्व शिक्षा अभियान के पूर्व सलाहकार श्री मुकेश भार्गव ने भाषायी विकास के बारे में चर्चा करते हुए प्रतिभागियों के साथ ढेर सारी बाल-सुलभ कविताएं कराईं और उनके जरिए भाषा सीखने के महत्व के बारे में बातचीत की। प्रशिक्षण में विविध प्रकार के सीखने के खेल कराए गए जिनमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। ये खेल सभी के लिए मजेदार रहे। खेलों के साथ सीखने के कौशलों के जुड़ाव के बारे में प्रशिक्षकों द्वारा चर्चा की गयी और यह भी बताया गया कि इनका उपयोग आँगनवाडी केंद्रों में बच्चों के साथ कैसे किया जाएगा।
प्रशिक्षण के आखिरी दिन जिले के सभी ब्लॉक से मुख्य सेविकाओं ने भी भाग लिया। उनसे प्रशिक्षक समूह द्वारा आँगनवाडी केंद्रों की मोनिटरिंग और सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के बारे में चर्चा की। इस बारे में प्रशिक्षक श्री सिंह ने बताया कि पहली बार आँगनवाडी केंद्रों के लिए प्रदर्शन मानकों का विकास किया गया है और इनका उपयोग सुपरवाईजर द्वारा किया जाएगा और इसी फॉर्मेट का उपयोग आँगनवाडी वर्कर द्वारा स्वआंकलन के लिए भी किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में आँगनवाडी केंद्र की सहायिकाओं के सहयोग और समन्वयन पर विशेष जोर दिया गया। आखिरी दिन हर केंद्र के लिए एक सप्ताह की योजना बनवाई गयी।
कार्यशाला के समापन सत्र में प्रतिभागियों के विचार सुने गए। आँगनवाडी वर्कर सुश्री किरण त्रिपाठी ने भावुक होते हुए कहा- हमको इतना सम्मान किसी प्रशिक्षण में नहीं मिला। जो बातें यहाँ केंद्र के बारे में कही गयीं, वे यहाँ होते हुए दिखीं। एक और वर्कर सुमनलता का कहना था कि यह प्रशिक्षण पूरी तरह क्रियात्मक पहलू पर केंद्रित था।
कार्यशाला के समापन के मौके पर पिंडरा ब्लॉक के सीडीपीओ श्री आर. एन. सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप लोगों ने इस कार्यशाला मे जो सीखा है उसको बच्चों तक पहुंचना ही इस प्रशिक्षण की सफलता है। आप अपने केंद्र तक ही सीमित न रहें बल्कि इसे आसपास के केंद्रों तक फैलाएं। अपनी सहायिका को भागीदार बनाएं। कार्यशाला के अंत में सभी को प्रमाण पत्र वितरित किया गया। इस कार्यशाला को सफल बनाने में इग्नस पहल टीम के गायत्री, शुभम, वीरेंद्र और विनय ने विशेष योगदान किया। अंत में इग्नस टीम द्वारा सभी को धन्यवाद देते हुए कार्यशाला का समापन किया गया।