साहित्य और शिक्षण-सेवा से बहुत आगे है हिन्दी
1984 की बात है। ‘बड़ा पेड़’ गिरने के बाद धरती हिलकर लगभग शांत हो चुकी थी। मैं पापा के साथ मुंबई घूमने गया था, अपने नाना के घर। चूंकि उन दिनों किसी घर का दामाद […]
1984 की बात है। ‘बड़ा पेड़’ गिरने के बाद धरती हिलकर लगभग शांत हो चुकी थी। मैं पापा के साथ मुंबई घूमने गया था, अपने नाना के घर। चूंकि उन दिनों किसी घर का दामाद […]
‘कोई भी शैक्षिक केंद्र तीन चीजों से मिलकर बनता है- संबंध, प्रक्रिया और परिणाम। अगर संबंध अच्छे हों तो सीखने की प्रक्रियाओं का होना स्वाभाविक रूप ले लेता है और अगर प्रक्रियाएं सही हों तो […]
व्यक्ति नश्वर है।सिद्धांत शाश्वत है।व्यक्ति नष्ट हो जाते हैं।सिद्धांत स्थिर रहता है।। सत्य प्रेम न्याय पुण्य शाश्वत एवं सनातन सिद्धांत हैं।दार्शनिक सिद्धांत पर आधारित धर्म ही सनातन, शाश्वत और स्थायी हो सकता है।दूसरा कुछ भी […]
राहुल मिश्र बघौली बघौली थाना क्षेत्रांतर्गत ग्रामसभा उमरा ब्योरापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्यापकों की लापरवाही के चलते विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी होती नजर आ रही है । इस विद्यालय में दो अध्यापक मंजेश […]
समाज सेवा और मानवता के लिए मिसाल पेश करते हुए सोनभद्र में शक्तिनगर के थानाध्यक्ष ने दिव्यांग की पढ़ायी – लिखायी की जिम्मेदारी ली है । थानाध्यक्ष भारत भूषण तिवारी का यह क़दम पुलिस के साथ […]