स्वास्थ्य अधिकारी बनकर ठगी कर रहे तीन को पकड़े गए

फर्जी स्वास्थ्य टीम बनाकर प्राइवेट मेडिकल प्रैक्टिशनर्स के साथ ठगी कर रहे तीन लोगों को पकड़ कर लोगों ने पुलिस को सौंप दिया। पुलिस आरोपियों से पूछ-ताछ कर रही है। तीनों ने कबूला है कि इससे पहले वह दो गांवों में निजी क्लीनिक पर छापा मारकर रुपये की वसूली कर लाये हैं। जिनमें एक व्यक्ति नशे की हालत में था। कोतवाली प्रभारी श्याम बाबू शुक्ला ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
 मंगलवार की दोपहर मोहल्ला कोटकलां स्थित निशात हॉस्पिटल पर एक गाड़ी से तीन लोग पहुंचे और खुद को एनएचएम की टीम बताकर क्लीनिक की जांच करने लगे। डाक्टर एसयू खां ने बताया कि तीनों ने उनके क्लीनिक पर जांच के नाम पर मेज की दराज से रुपये निकाल लिए और क्लीनिक सीज करने की धमकी देते हुए और रुपये देने  की बात कही। इनमें मुख्य आरोपी शराब के नशे में था। उन्हें शक हुआ तो तीनों को मोहल्लेवासियों की मदद से पकड़ लिया तथा पुलिस बुला ली। इस बीच टीम लेकर आई गाड़ी का चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया। पकड़े गए लोगों ने अपने नाम तेज बहादुर सिंह पुत्र जगदीश सिंह, निवासी बंदीपुर, मल्लावां, शिव शंकर पुत्र बालकराम, निवासी गंगारामपुर, मल्लावां तथा महेश कुमार पुत्र  संतोष कुमार निवासी मोहल्ला मिर्ज़ापुर, मल्लावां बताए। इनमें तेज बहादुर अधिकारी और शिव शंकर व महेश खुद को इनके मातहत के रूप में पेश करते थे। इन लोगों ने पूछताछ में बताया कि इससे पहले वह सल्लिया रोड के दो क्लीनिक पर छापा मारकर कई हजार की वसूली कर लाये हैं। इनमें तेज बहादुर नटवरलाल है और उसने दोनो मातहती के लिए साथी युवाओं को एक हजार व तीन सौ प्रतिदिन देने का वादा कर साथ रखा था। डाक्टर एसयू खान ने चिकित्सा अधीक्षक को मामले की सूचना दी। चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर वैभव जायसवाल की ओर से आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है।