आज का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मील के पत्थर

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा आज का दिन भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में मील के पत्थर की तरह है। भारतीयों द्वारा, भारतीयता के विचार से ओत-प्रोत, भारत के संसद भवन के निर्माण का शुभारंभ, हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं के सबसे अहम पड़ावों में से एक है।

पुराने संसद भवन ने स्वतंत्रता के बाद के भारत को दिशा दी तो नया भवन आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का गवाह बनेगा। पुराने संसद भवन में देश की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए काम हुआ, नए भवन में 21वीं सदी के भारत की आकांक्षाएं पूरी की जाएंगी।

हमें हमेशा याद रखना है कि संसद पहुंचा हर प्रतिनिधि जवाबदेह है। ये जवाबदेही जनता के प्रति भी है और संविधान के प्रति भी है। हमारा हर फैसला राष्ट्र प्रथम की भावना से ही होना चाहिए। हमारे हर फैसले में राष्ट्रहित सर्वोपरि रहना चाहिए।