संसाधनहीनता के बावजूद शोषण के विरूद्ध प्रखर स्वर के रूप में या ये कहें कि शौर्य, बुद्धिमत्ता व दूरदर्शिता के अद्भुत सामंजस्य बिरसा मुण्डा की आज जयन्ती है । आदिवासी समाज को एक सूत्र में पिरो कर शोषण और कुरीतियों से मुक्ति दिलाने के सार्थक प्रयास के चलते आदिवासी समाज के वह भगवान बन गए । ऐसे भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन ।
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