त्रैमासिक आंकलन परीक्षा में आड़े आई नेटवर्क की समस्या, बच्चों के साथ शिक्षक रहे परेशान

हरदोई : परिषदीय विद्यालयों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में निपुण भारत अभियान के तहत नैट की परीक्षा कराकर बच्चों के मूल्यांकन करने का निर्देश विभाग द्वारा दिया गया था। मंगलवार को तय समय से बच्चों की परीक्षा शुरू हुई। एक समय पर हजारों बच्चे परीक्षा में बैठे भी पर नेटवर्क ने पानी फेर दिया। शिक्षकों ने बताया कि सरकार निपुण भारत मिशन का अभियान चला रही है। जिसका उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है।

योजना को सफल बनाने के लिए अधिकारियों से लेकर शिक्षकों को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसका पालन करने के लिए परीक्षा तो करा ली गई पर जब सरल ऐप के माध्यम से मूल्यांकन सीटों को भरने का नम्बर आया तो नेटवर्क दगा दे गया। शिक्षकों के लाख प्रयास के बावजूद ऐप एक्सेस करने की समस्या बनी रही। दिन भर नेटवर्क की समस्या को लेकर शिक्षक व परीक्षा सम्पन्न कराने वाले प्रभारी, अधिकारी परेशान रहे। अंत में जब समस्या हल नही हुई तो परीक्षा मूल्यांकन सीटें शिक्षक अपने साथ घरों को ले गए। अब किस प्रकार परीक्षा परिणाम निर्धारित हो पाएगा। जिसके लिए विभाग के अधिकारियों के पास कोई ठोस जवाब नही हैं।

ऑनलाइन के चक्कर में घनचक्कर बनते जा रहे बेसिक स्कूल
लोगों की माने तो ऑनलाइन के चक्कर में स्कूलों में हो रही पढ़ाई-लिखाई पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। डिजिटल जमाने में विभिन्न ऐपों के माध्यम से प्रत्येक छात्र-छात्रा तक अच्छी शिक्षा पहुंच पानी सम्भव नही है। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश समय नेटवर्क की समस्या बनी रहती है। कई अभिभावकों का कहना है कि ऑनलाइन के चक्कर में बेसिक स्कूल घनचक्कर बनते नजर आ रहे हैं।