
(प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक)
डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
देवरिया (उत्तरप्रदेश) के सदर कोतवाली-स्थित एन०जी०ओ० ‘माँ विन्ध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा-संस्थान’ द्वारा संचालित ‘बालिका-गृह’ की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी, उसका पति मोहन त्रिपाठी तथा उसकी बेटी व्यभिचार, यौनशोषण-प्रकरण तथा देह-व्यापार में संलिप्त पायी गयी हैं। वहाँ की बालिकाओं, किशोरियों, युवतियों, प्रौढ़ महिलाओं से ‘बालिका-गृह’ के नाम पर उनका यौनशोषण तथा उनसे देह-व्यापार कराने का प्रकरण कल (५ अगस्त, २०१८ ईसवी) प्रकाश में आ चुका है। उत्तरप्रदेश-सरकार विपक्षियों और जनसामान्य के आक्रोश से बचने के लिए आदित्यनाथ योगी ने वहाँ के डी०एम० सुजीत कुमार का स्थानान्तरण कर दिया है तथा कुछ अधिकारियों को निलम्बित कर दिया है; परन्तु डी०एम० को निलम्बित कर उसके विरुद्ध जाँच करने का निर्देश क्यों नहीं किया? इसे और अन्य कई बिन्दुओं पर उत्तरप्रदेश की सरकार और उसका प्रशासन घिर चुका है।
प्रश्न है, योगी ने सी०बी०आई० जाँच की सिफ़ारिश क्यों नहीं की है?
० चित्र : बायीं ओर मुख्य आरोपिता निर्लज्ज गिरिजा त्रिपाठी और दायीं और उसका व्यभिचारी पति मोहन त्रिपाठी।
(शीघ्र हम विस्तृत जानकारी अपने समाज के साथ साझा करेंगे।)
(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, इलाहाबाद; ६ अगस्त, २०१८ ईसवी)