पतझड़ का मौसम समाप्त होने के बाद पेड़ में नए कोमल पत्ते निकलते हैं । आयुर्वेद में एक जोरदार उपाय साल के शुरुआती दिनों के लिए बताया गया है।
🌹 5 नीम के कोमल नए ताज़े पत्ते
🌹 5 काली मिर्च
सुबह इन्हें पत्थर पर पीस कर एक गोली जैसा बना कर ताज़े पानी से निगल जाएं, इसके आधा घंटे बाद तक कुछ नही खाना है।
*ये उपाय मार्च और अप्रैल के महीने में किया जाता है।
*केवल एक महीने नित्य सवेरे ये नियम अपना लें।
*पूरे साल बुखार, टाइफाईड नही होगा।
- मलेरिया नही होगा।
*बढ़े हुए TSH में फायदा होगा।
*चेचक (चिकनपॉक्स) नही हो सकता। - किसी किस्म का चर्म रोग खुजली इत्यादि नही होगी, अगर पहले से है तो ठीक हो जाएगी।
*पेट के कीड़े समाप्त हो जाएंगे।
*आंतों में जमा हुआ मल, कब्ज साफ हो जाएगी।
*त्वचा की रंगत निखर जाएगी।
*झाइयां, काले घेरे दूर होंगे।
*इम्युनिटी में गजब का इजाफा होगा।
ये प्रत्यक्ष फायदे हैं, इसके अतिरिक्त बहुत से फायदे शरीर को मिलेंगे।
10 साल से कम उम्र के बच्चों को एक मटर के दाने के बराबर गोली दे सकते हैं।
|| जय श्री हरि ||
साभार भगवान सिंह भदौरिया
द्वारा प्रसारित-
आचार्य दीपक कुमार गुप्ता
योग/आहार विशेषज्ञ