शिवांकित तिवारी “शिवा”-

सिर्फ हम ही हम है,
ये वहम तुम्हारा अहम है ।
आसमां में उड़ रहे है वो,
जिनके लिए जमीं कम है ।
पिता सबसे अनमोल है जग में,
बाहर से कठोर अंदर से नरम है ।
तुम्हारे भाग्य का भाग कर आयेगा,
मेहनत जीतोड़ करों बाकी सब भरम है ।
अपना हर कदम मजबूती से बढ़ाओ,
मेहनत से ही सफलता मिलती हरदम है ।
प्यार करों सबसे इस जहां में आयें हो तो,
प्यार से ही कम होते दुनिया के सारे गम है ।
युवा कवि एवं लेखक, सतना (मध्यप्रदेश) संपर्क:-7509552096