विषय- टी-20 क्रिकेट सीरीज़ : न्यू ज़ीलैण्ड से ५-० से सीरीज़ जीतकर भारत विश्व का पहला देश बना

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-

भारत ने टी-20 के पाँचवें और अन्तिम मैच में न्यू ज़ीलैण्ड को उसकी ही धरती पर ७ रनों से पराजित कर, पहली बार सीरीज़ पर ५-० से अधिकार कर लिया है। उल्लेखनीय है कि भारत ऐसी उपलब्धि अर्जित करनेवाला विश्व का प्रथम देश बन चुका है, साथ ही निकट भविष्य में होनेवाली विश्वकप क्रिकेट-प्रतियोगिता में अपनी धमाकेदार उपस्थिति दर्ज़ करा दी है।

स्मरणीय है कि पाँच टी-20 मैचों में से दो मैच– ‘तीसरे’ और ‘चौथे’ सुपर ओवर में पहुँच गये थे, जहाँ कुछ भी सम्भव था; परन्तु के०एल० राहुल और रोहित शर्मा के प्रभावपूर्ण बल्लेबाज़ी ने भारत को विजयी बनाया था।

पाँचवें और अन्तिम मैच में भारत ने बहुत कम रन बनाये थे। शानदार बल्लेबाज़ी कर रहे रोहित शर्मा ऐन मौक़े घायल होकर मैदान से बाहर हुए थे, बावूजूद शार्दूल, सैनी तथा बुमराह की सटीक गेंदबाज़ी के कारण न्यू ज़ीलैण्ड को पराजय का मुख देखना पड़ा था। न्यू ज़ीलैण्ड के बल्लेबाज़ गुप्टिल/गुप्टल को निर्णायक ने ग़लत तरीक़े से एल०बी०डब्ल्यू० आऊट क़रार दिया था, जबकि गेंद स्टम्प के ऊपर से निकल रही थी। बल्लेबाज़ के पास ‘डी०आर०एस०’ लेने का अवसर था, जिसे खो दिया था। यहीं से परोक्ष रूप में न्यू ज़ीलैण्ड की पराजय की पटकथा लिख दी गयी थी, अन्यथा भारत के बहुत कम स्कोर (१६३ रन) का पीछा न्यू ज़ीलैण्ड के बल्लेबाज़ गुप्टिल कर सकते थे। वे मात्र १० रन और बना लिये होते तो यह मैच भारत के हाथों से फिसल गया रहता; किन्तु वे अम्पायर के ग़लत फ़ैसले का शिकार हो चुके थे, जो एक विडम्बना ही थी। एक बार उस समय साफ़ हो चुका था कि न्यू ज़ीलैण्ड भारत को आसानी से पराजित कर देगा; वह समय था, जब शिवम दुबे की प्रभावहीन गेंदबाज़ी पर न्यू ज़ीलैण्ड के बल्लेबाज़ी छक्के-पर-छक्के जड़ रहे थे। शिवम की बल्लेबाज़ी भी कमज़ोर दिखी। यदि शिवम की जगह मनीष पाण्डेय को बल्लेबाज़ी के लिए उतारा गया रहता तो भारत का स्कोर १८० रन के आस-पास होता।

बहरहाल, इस सीरीज़ में भारत का हर प्रयोग सफल दिखा है; किन्तु आरम्भ से अन्त तक भारत सभी मैच जीत जायेगा, इसे विश्वासपूर्वक नहीं कहा जा सकता था। ऐसा इसलिए कि न्यू ज़ीलैण्ड के आरम्भिक बल्लेबाज़ दमदार प्रदर्शन करते रहे।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २ फ़रवरी, २०२० ईसवी)