आदित्यनाथ योगी की ‘बोली’ और ‘गोली’ कहाँ हैं?

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-

उत्तरप्रदेश के मनोरोगी मुख्यमन्त्री अपने राज्य के नागरिकों की दुर्दशा को समझने और ठोस उपाय करने के स्थान पर दिल्ली में जाकर आतंकी बोली बोल रहे हैं। अपने ग़ुलाम पुलिस-प्रशासन का गोली मारने का आह्वान कर रहे हैं; धिक्कार है।

उस कथित ‘पोस्टर ब्वॉय’ को अपने राज्य उत्तरप्रदेश में चरम पर दिख रही महँगाई, भ्रष्टाचार, अशिक्षा, बेरोज़गारी, कुपोषण, अपहरण, बलात्कार, हत्या आदिक नहीं दिख रही हैं।

ये ऐसे अराजक और आतंकी तत्त्व हैं, जो समय-समय पर हिन्दू-मुसलमान के बीच शब्दाग्नि लगाकर स्वयं को अलग कर लेते हैं; दूसरे शब्दों में– भाग खड़े होते हैं और निरपराध लोग मारे जाते हैं।

वास्तव में, ऐसे ही लोग आतंकी और उग्रवादी हैं। ऐसे लोग सत्ता में हैं और मदान्ध होकर ताण्डव का वातावरण उत्पन्न करते आ रहे हैं। आज ही (२ फ़रवरी) हिन्दूवादी संघटन ‘हिन्दू महासभा’ के एक प्रमुख नेता की लखनऊ में उस समय नृशंस हत्या कर दी गयी थी जिस समय वे टहलने के लिए निकले थे। इस विषय पर जब गोली मारने की बात करनेवाले उत्तरप्रदेश के निरंकुश मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी से प्रश्न किया जा रहा है तब वे आँखें चुराकर भागते फिर रहे हैं। हिन्दूवादी मृतक की पत्नी हिन्दूवादी सरकार के छद्मवाद पर प्रश्न कर रही है और सरकार के ठीकेदार दुम दबाकर भागते नज़र आ रहे हैं।

आदित्यनाथ योगी को न तो ‘भगवा’ की पवित्रता की समझ है और न ही ‘हिन्दुत्व’ की महिमा की। योगी में साहस यदि हो तो मैं उन्हें इन दोनों ही विषयों पर उनके समक्ष शास्त्रार्थ करने की ‘चुनौती’ प्रस्तुत करता हूँ।

बुद्ध और गांधी की धरती पर अब तो सर्वत्र दुरात्मा दिख रहे हैं।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २ फ़रवरी, २०२० ईसवी)